फोटो- 09 नागरीय प्रचारणीय पुस्तकालय में मौजूद पुस्तके। संवाद
बांदा। नागरीय प्रचारिणी पुस्तकालय में मौजूद 113 साल पुरानी दुर्लभ पुस्तकों को विकास प्राधिकरण में सुरक्षित रखा गया है। गौरतलब हो कि नागरीय प्रचारिणी पुस्तकालय का नवनिर्माण किया जाना है। पुराने भवन को तोड़ा जाना है।
महोबा रोड में संकट मोचन मंदिर के पास स्थित नागरीय प्रचारिणीय पुस्तकालय भवन बेहद जर्जर हो गया है। बच्चों ने अध्ययन के लिए आना भी बंद कर दिया है। अक्तूबर माह में विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में भवन के नव निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ था। पांच करोड़ की लागत से भवन का निर्माण कराया जा रहा है।
प्रथम चरण में जीर्ण-जीर्ण भवन को तोड़ा जाना है। ऐसे में भवन में स्थित 113 साल पुरानी दुर्लभ पुस्तकों को विकास प्राधिकरण में रख जा रहा है। जिसमें सांस्कृतिक, धार्मिक व सामाजिक पुस्तकें शामिल हैं। विकास प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि पुस्तकें बेहद प्राचीन हैं जिनकी बाजार में कीमत लाखों रुपये है। पुस्तक को विकास प्राधिकरण में सुरक्षित रखवाया जा रहा है। भवन बनने के बाद उन्हें वापस पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा नए वर्जन की किताबें भी मंगाई जाएंगी। प्रतियोगी पुस्तकें भी रखने का बोर्ड ने निर्णय लिया है।