बांदा। बारिश में देरी से खरीफ की फसलों पर भी असर पड़ रहा है। राजकीय बीज भंडारों में नर्सरी डालने के लिए धान के बीज की बिक्री भी थम गई है।
जिले में 4081 हेक्टेयर में धान की नर्सरी डालने का लक्ष्य है। इसके सापेक्ष अभी तक महज 672 हेक्टेयर में नर्सरी डाली गई है। जबकि इसका समय 25 जून तक है। उधर, अरहर, तिल, मूंगफली, सोयाबीन, उर्द, मूंग आदि के बीज की बिक्री भी नहीं हो रही है। जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव ने बताया कि जिले में राजकीय बीज भंडारों के जरिए खरीफ में 953 कुंतल बीज वितरण का लक्ष्य था।
इसके सापेक्ष अभी तक करीब 150 कुंतल ही बिका है। इसमें धान का महज 124 कुंतल और अरहर का सिर्फ 6 किलो बीज बिका है। मूंगफली, बाजरा, ज्वार व मक्का के बीजों की अभी बोहनी तक नहीं हुई। 26 कुंतल के लक्ष्य में तिल का बीज महज 18 किलो बिका है। ऐसे ही लाइसेंसधारक दुकानों के जरिए 7497 कुंतल खरीफ फसलों का बीज बिक्री का लक्ष्य था।
इसके मुकाबले 809 कुंतल बीजों की बिक्री हुई है। उन्होंने किसानों से कहा है कि उन्नतशील बीजों की व्यवस्था वे पहले से कर लें। ताकि बारिश होते ही समय से नमी रहते बुवाई की जा सके। उन्होंने किसानों से कहा कि यह मृदा परीक्षण का उपयुक्त समय है। वे मिट्टी के नमूने लेकर जांच कराएं।