बांदा। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को करीब सवा लाख वादकारियों को मुकदमों की भागम भाग से मुक्ति मिल गई। सुलह-समझौते से 111583 मुकदमों का निस्तारण किया गया।
देवेंद्र सिंह जिला जज ने सिविल व क्रिमिनल के तीन वादों का निस्तारण कर अर्थदंड आरोपित किया। संजीव कुमार सिंह प्रथम पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण ने 36 वाद निस्तारित करते हुए पक्षकारों को बीमा क्लेम दिलाया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश मुकेश कुमार सिंह ने 56 वाद निस्तारित किए। इसके अलावा अपर जिला जज प्रथम चंद्रपाल द्वितीय ने दो, अपर जिला जज दस्यु प्रभावित क्षेत्र विकास श्रीवास्तव ने तीन, विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट प्रदीप कुमार मिश्रा ने विद्युत अधिनियम के 55 वाद, सीजेएम प्रफुल्ल कुमार ने एमवी एक्ट के 387 वाद, सीजेएम दिव्य कांत सिंह राठौर ने 289, प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वरुणा वशिष्ठ ने 60, सिविलि जज जूनियर डिवीजन बिन्नी बाल्यान ने सात, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन द्वितीय अर्पिता साहू ने 31, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन (एफटीसी प्रथम) शिवशक्ति हर्ष वर्धन ने आठ, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट कौशल किशोर प्रजापति ने एनआईएक्ट के नौ, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय सत्यवीर सिंह ने 16, स्थायी लोक अदालत अध्यक्ष कमलेश दुबे ने दो मामले निस्तारित किए। इसके अलावा 392 वादों का निस्तारण किया। जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष द्वारिकेश मंडेला, सचिव मनोज निगम, अग्रणी बैंक प्रबंधक समेत विभिन्न बैंकों के प्रबंधक मौजूद रहे।