डीएम महेंद्र बहादुर सिंह को गोशाला के बारे में बताते बीमा एजेंट लल्लू प्रसाद और बलराम सिंह कछवाह।
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‘गो संवर्धन संरक्षण’ साहित्य से प्रेरित होकर बीमा एजेंट गो सेवा में जुट गए हैं और 11 अन्ना गायों का खर्च अपनी जेब से उठा रहे हैं। डीएम ने उन्हें सराहा और मदद का भरोसा दिलाया है।
गो सेवा मिशन प्रबंधक व एलआईसी बीमा अभिकर्ता लल्लू प्रसाद सृजेता सात साल से अन्ना गायों के संवर्धन और संरक्षण पर कार्य कर रहे हैं। उनके आवास विकास स्थित गो सेवा सदन में पल रही 11 अन्ना गायों में अधिकांश ऐसी हैं, जो सड़क दुर्घटना में घायल हो गईं थीं या करंट से झुलस गई थीं।
उन्होंने बताया कि करीब 500 रुपये प्रतिदिन (15 हजार रुपये प्रतिमाह) खर्च हो रहा है। 3000 हजार रुपये प्रतिमाह चंदे में मिल जाते हैं। शेष अपने पास से लगा रहे हैं। उन्होंने डीएम से कहा कि शासन से गायों के लिए चारा-भूसा का इंतजाम हो जाए तो वह 50 अन्ना पशुओं की सेवा कर सकते हैं। लल्लू प्रसाद के साथ गो सेवा सदन अध्यक्ष बलराम सिंह कछवाह भी डीएम से मिले। डीएम ने उनके प्रयासों की सराहना की।
कहा कि उनका प्रयास है कि पशुओं को खुला छोड़ने वाले खुद जागरूक हो जाएं। हरेक गांव में डुग्गी पिटवाई जा रही है। इसके बाद भी पशुओं को खुला छोड़ा तो पशु मालिकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होगी। संपन्न लोगों को एक-एक अन्ना पशु रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। गोशाला खोले जाएंगे और पशुओं के चारा-भूसा का इंतजाम कराया जाएगा।