अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। जिला पंचायत राज अधिकारी ने मॉडल शौचालय बनवाने और राजमिस्त्रियों को ट्रेनिंग देने में लापरवाही पर 30 सचिवों का दिसंबर माह का वेतन रोक दिया। तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा। नरैनी, तिंदवारी और बबेरू ब्लाकों के बीडीओ को नोटिस भेजकर 31 दिसंबर तक मॉडल शौचालय बनवाकर प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों की सूची तलब की है।
भारत स्वच्छता मिशन (ग्रामीण) के तहत जिले को अगले साल दिसंबर माह तक खुले में शौच मुक्त करना है। पंचायतीराज विभाग इसी को लक्ष्य मानकर तेजी से शौचालय निर्माण कराने की कवायद में जुटा है। जिला पंचायत राज अधिकारी केके सिंह चौहान ने बताया कि ग्राम पंचायतों में माडल शौचालय का निर्माण कराकर प्रत्येक ग्राम पंचायत में 10-10 राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए गए थे। सचिवों ने पहली नवंबर के इन निर्देशों की अनदेखी की। सीडीओ आरके सिंह ने सचिवों को यह लक्ष्य 20 दिसंबर तक पूरा करने के फिर से निर्देश दिए।
डीपीआरओ ने तिंदवारी ब्लाक के ग्राम पंचायत अधिकारी विनोद कुमार झा, छेदीलाल, वीरेंद्र कुमार, नईम अहमद, ललित कुमार, अंकित कुमार, आनंद यादव, अर्जुन सिंह, चंद्रराज और ग्राम विकास अधिकारी दिनेश यादव, कमल यादव, नरैनी ब्लाक के ग्राम विकास अधिकारी योगेश कुमार, मुकेश कुमार, प्रीतम सिंह, स्वतंत्र कुमार, अनुज कुमार व ग्राम पंचायत अधिकारी प्रमोद कुमार, छोटेलाल और बबेरू ब्लाक के ग्राम विकास अधिकारी वेद प्रकाश, कुंवर पाल सिंह, कमलेश सिंह, श्रीकांत गुप्ता व ग्राम पंचायत अधिकारी दिनेशचंद्र, हरिनारायण, कुमारी रश्मि, सत्येंद्र सिंह,राकेश सिंह, रफीक मंसूरी, रवि मौर्य को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अह्वेलना और सरकारी कार्यों में रुचि न लेने के कारण उक्त सचिवों का दिसंबर माह का वेतन कार्य पूर्ण किए जाने तक रोका जाता है।
-आदेश के बाद भी नहीं बनवाए मॉडल शौचालय
-स्पष्टीकरण न देने पर दी कार्रवाई की चेतावनी