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यूसुफ के पूर्वजों ने हिंदू धर्म स्थल के लिए दान की थी जमीन

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उतरौला (बलरामपुर)। आईएस केपी की नीतियों से प्रभावित होकर जिस मुस्तकीम ने देश को दहलाने की साजिश रची उसका परिवार क्षेत्र में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल था। परिवार किसी जमाने में जमीदार था। पांच गांवों में परिवार की जमीन थी। करीब तीन दशक पहले परिवार ने गांव के पूरब में हिंदू धर्म स्थल के लिए जमीन दान में दी थी। बेटे की करतूतों से पूरा परिवार शर्मिंदा है और उसकी साख पर भी बट्टा लग गया है।
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गांव वालों ने बताया कि यूसुफ के बाबा वकील खां की क्षेत्र के हिंदू व मुसलमानों में काफी अच्छी छवि थी। गांव के पूरब की तरफ हिंदू धर्म स्थल वाली काली मंदिर उनकी जमीन में बना था। उन्होंने करीब 400 फीट जमीन स्वेच्छा से दान दे दी। यूसुफ के चाचा रिटायर्ड सिक्यूरिटी अफसर वसीम खान ने जब यह जमीन बीते दिनों बेची तो उन्होंने भी काली माता मंदिर की जमीन को नहीं बेचा। इस तरह की छवि वाला परिवार अब बेटे की करतूतों से आहत है। परिजनों का कहना है कि बेटे ने पूर्वजों की छवि को धूल में मिला दिया है।
झुंझलाहट में सस्ता दे देता था सामान
यूसुफ अपनी साजिश छिपाने के लिए हाशिमपारा बाजार में कास्मेटिक की दुकान करता था। अस्पताल के लोग बताते हैं कि वह दुकान पर भी अपनी धुन व मोबाइल में व्यस्त रहता था। दुकान पर यदि कोई ग्राहक यह कहता था कि यह सामान आप 20 रुपये में दे रहे हैं वहां 15 रुपये में ही मिल रहा है तो वह झुंझला जाता था और सामान 10 रुपये में ही बेचकर ग्राहक को दुकान से चलता कर देता था।
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