बलरामपुर। एमएलके पीजी कॉलेज में संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय सेंटर से मिलने वाली शैक्षिक सुविधाओं का विस्तार किया गया है। अभी तक महाविद्यालय में संचालित होने वाले पाठ्यक्रम से जुड़े कोर्स की दूरस्थ शिक्षा से डिग्री की व्यवस्था थी। अब इसमें ग्रामीण विकास प्रबंधन को शामिल किया गया है। इसके साथ ही एमएससी (मास्टर ऑफ साइंस) के कोर्स की भी सुविधा शुरू की गई है। इस कोर्स के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए इग्नू ने काउंसिलिंग शुरू कर दी है।
एमएलके पीजी कॉलेज में इग्नू समन्वयक डॉ. आलोक शुक्ल ने बताया कि इस बार कई कोर्स का विस्तार किया गया है। कौशल विकास से जुड़े पाठ्यक्रमों में फोटो व वीडियोग्राफी को शामिल किया गया है। यही नहीं, योगा की भी दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से डिग्री हासिल करने की योजना तैयार की गई है। काउंसलर सहित कई अन्य पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है।
बताया कि ग्रामीण विकास प्रबंधन से किसानों को भी जोड़ा जा सकता है। इसके लिए चीनी मिल के अधिकारियों से संपर्क किया गया है। इसके माध्यम से कर्मियों व किसानों को जानकारी दी जा रही है। बताया कि तराई में यह पहली बार शुरू हो रहा है, इससे यहां के युवाओं को उच्च शिक्षा में फायदा होगा।
बंदियों को इग्नू से पढ़ाई करने की मिलेगी सुविधा
बलरामपुर। जिला कारागार में बंदियों के लिए बुधवार को शिक्षण कार्य पर जागरूकता कार्यशाला कराई गई। बंदियों को इग्नू से पढ़ाई करने की सुविधा मुहैया कराने की पहल की गई है।
कारागार अधीक्षक राम कुबेर सिंह, एमएलके महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. जेपी पांडेय व कोऑर्डिनेटर इग्नू लखनऊ डॉ. कीर्ति विक्रम सिंह ने जागरूकता कार्यशाला का शुभारंभ किया। कारागार अधीक्षक ने सभी बंदियों को शिक्षण कार्य से जुड़ने की सलाह दी। एमएलके प्राचार्य ने बंदियों को इग्नू से पढ़ाई करने और बंदियों के लिए काउंसलर की व्यवस्था कराने का सुझाव दिया, जिससे सभी बंदियों को शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ बनाया जा सके।
जेलर शैलेष कुमार सिंह सोनकर ने कहा कि जिला कारागार में काउंसलर की अत्यंत आवश्यकता होती है, जिससे बंदियों में सुधार लाकर उन्हें बेहतर जीवन शैली के लिए प्रेरित किया जा सके। इग्नू लखनऊ के समन्वयक ने अपनी संस्था से पढ़ाई करने की तरीका बताया।
कहा कि इग्नू स्टडी सेंटर एमएलके पीजी कॉलेज के डॉ. आलोक शुक्ल कारागार में बंदियों को शिक्षा से जोड़ेंगे। इग्नू में पढ़ाई करने की सुविधाएं उपलब्ध हैं। बंदियों के शैक्षिक स्तर में वृद्धि करने के लिए इग्नू के कोर्स शीघ्र प्रारंभ किए जाएंगे। चीनी मिल चिकित्सक डॉ. पवन अग्रवाल ने बंदियों को चश्मा व स्वास्थ्य सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर कारागार चिकित्सक डॉ. रत्नसेन वर्मा, डिप्टी जेलर जन्मेजय सिंह गौर, कामता प्रसाद भार्गव व धीरेंद्र वर्मा आदि मौजूद रहे।