बलरामपुर में महिला मंगल दल को दिया जा रहा प्रशिक्षण।
बलरामपुर। बहराइच और संभल में हुई हिंसा की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए अब युवा कल्याण विभाग ने अपनी तैयारी की है। जिले की 793 पंचायतों में युवक-युवतियों के 1,800 मंगल दल व महिला मंगल दल गांवों में सौहार्द का माहौल कायम करेंगे। साथ ही त्योहारों के दौरान मंगल दल पुलिस के सहयोगी बनेंगे। स्पेशल पुलिस अधिकारी (एसपीओ) बनकर गांवों में त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराएंगे।
युवा कल्याण विभाग ने गावों में त्योहारों के दौरान छोटी-छोटी बातों पर होने वाले सांप्रदायिक दंगों की स्थिति को रोकने की एक कार्ययोजना बनाई है। जिसके लिए मंगल दल के युवाओं को बारीकियां सिखाई जाएंगी। त्योहारों के महत्व से मिश्रित आबादी वाले गांवों में दोनों संप्रदायों के लोगों को रूबरू कराया जाएगा। साथ ही एक ग्राम डायरी होगी और उसमें गांवों के लोगों के आपसी संबंधों का ब्योरा दर्ज होगा।
किस गांव में एक-दूसरे संप्रदाय के लोगों में तनातनी है या कहासुनी है। इसकी भी गोपनीय सूचनाएं दर्ज हाेंगी। ग्राम प्रहरी से भी समन्वय कायम रहेगा। क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी शक्ति मिश्र ने बताया कि युवा कल्याण विभाग त्योहारों के दौरान युवाओं को पुलिस विभाग से जोड़कर विशेष पुलिस अधिकारी नामित कराएंगे। जिन्हें एक पहचानपत्र भी मिलेगा और त्योहारों में वे गांवों में सक्रिय रहेंगे। हर पल की सूचना पुलिस को देंगे। जिससे किसी तरह की अनहोनी न होने पाए।
युवाओं को यह भी जिम्मेदारी दी जाएगी कि वे लोगों को भी जागरूक रखें और तनाव जैसी स्थिति आने ही न दें। बताया कि पूरी कार्ययोजना पर अमल किया जा रहा है। होली पर्व से पहले युवाओं की टीम को जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी।
गावों में अमन-चैन के लिए मंगल दल के युवाओं को जिम्मेदारी दी जा रही है। उन्हें विभिन्न घटनाओं में चूक की जानकारी दी जाएगी, जिससे वह अपनी भूमिका बेहतर ढंग से निभा सकें। इसके साथ ही सामाजिक सद्भाव के लिए अभियान चलाया जाएगा।
- प्रबोध कुमार, जिला युवा कल्याण अधिकारी