बलरामपुर। माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसदीय कार्यप्रणाली से परिचित कराने के लिए युवा संसद प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में कक्षा छह से दस तक के विद्यार्थी भाग लेंगे। इसमें विद्यार्थी अध्यक्ष, मंत्री, विपक्ष के नेता और अन्य सदस्यों की भूमिका निभाते हुए देश-प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
कार्यक्रम की नोडल एवं जिला विद्यालय निरीक्षक मृदुला आनंद ने बताया कि विद्यालयों को राष्ट्रीय युवा संसद योजना के तहत पोर्टल पर किशोर सभा के रूप में पंजीकरण कराना होगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता से पहले एक सप्ताह तक अभ्यास कराया जाएगा, ताकि वे सदन की कार्यवाही, प्रश्न पूछने, जवाब देने, चर्चा करने और प्रस्ताव रखने की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझ सकें।
युवा संसद में सामाजिक न्याय, सामाजिक सुधार, आर्थिक विकास, सांप्रदायिक सद्भाव, शिक्षा, स्वास्थ्य, छात्र अनुशासन, स्वच्छता, कल्याणकारी योजनाओं, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और ग्रामीण विकास जैसे विषयों पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में किसी राजनीतिक दल या वर्तमान अथवा पूर्व नेता पर टिप्पणी नहीं की जाएगी। शिष्टाचार और अनुशासन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
डीआईओएस ने बताया कि 50 से 55 विद्यार्थियों वाले सदन में छात्रों को विभिन्न संसदीय भूमिकाएं दी जाएंगी। शिक्षक उन्हें सदन की कार्यवाही संचालित करने की प्रक्रिया बताएंगे। इससे विद्यार्थियों में तर्क-वितर्क, अभिव्यक्ति और नेतृत्व क्षमता विकसित होगी। युवा संसद के आयोजन और प्रशिक्षण के लिए एससीईआरटी की ओर से मार्गदर्शन और प्रशिक्षण संबंधी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।