बलरामपुर के सीएचसी श्रीदत्तगंज में रखा एक्स-रे मशीन।-संवाद
बलरामपुर। ग्रामीणों को मुफ्त में एक्सरे की सुविधा मुहैया कराने के लिए एक साल पहले ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मशीन पहुंचा दी गई है, लेकिन अस्पतालों में टेक्नीशियन न होने से एक्सरे मशीनें धूल फांक रही हैं। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ठंड के मौसम में हड्डी रोगियों की समस्या बढ़ गई है। हाथ-पैर में दर्द, सूजन व पुराने दर्द वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। हड्डी रोगियों को चिकित्सक दवा लिखने से पहले एक्सरे कराने की सलाह देते हैं। सीएचसी में एक्सरे मशीन का संचालन न होने से मरीज जिला मुख्यालय व निजी सेंटरों का चक्कर लगाने को विवश हैं।
निराश लौट रहे मरीज
श्रीदत्तगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एक्सरे कक्ष में ताला लगा हुआ था। इस सीएचसी में एक साल पहले एक्सरे मशीन मुहैया कराई गई थी, लेकिन टेक्नीशियन की नियुक्ति न होने से अभी तक इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है। कक्ष में रखी एक्सरे मशीन धूल फांक रही है। अस्पताल में एक्सरे कराने आने वाले मरीज निराश लौट जाते हैं। अस्पताल में मौजूद हीरा लाल व मंगरे ने बताया कि उन्हें एक्सरे कराना था, लेकिन बाहर से कराना पड़ेगा। सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुमंत सिंह चौहान ने बताया कि टेक्नीशियन की तैनाती के लिए सीएमओ को पत्र लिखा गया है।
नहीं खुलता एक्सरे है कक्ष
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नंदनगर में भी यहीं हाल है। यहां भी एक्सरे मशीन तो है, लेकिन टेक्नीशियन का अभाव है। इस कारण यहां भी एक्सरे कक्ष का ताला कभी नहीं खुलता है। गौरा चौराहा क्षेत्र के करीब 30 से अधिक गांव के लोग इसी अस्पताल में इलाज कराने आते हैं। ठंड के मौसम में हड्डी रोगियों को एक्सरे की आवश्यकता होती है, लेकिन अस्पताल में मशीन होने के बाद भी मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। खजुरिया गांव के रामसूरत व पाला गांव के ननकने ने बताया कि वह एक्सरे कराने अस्पताल गए थे, लेकिन चिकित्सक ने जिला अस्पताल में कराने के लिए कहा गया है। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. जावेद अख्तर ने बताया कि टेक्नीशियन की तैनाती होने पर एक्सरे जांच शुरू हो सकेगी।