बलरामपुर। शारदीय नवरात्र के सातवें दिन शुक्रवार को देवी मंदिर में मां कालरात्रि की आराधना के लिए श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने विधिविधान से माता रानी की पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली व सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। कालीथानों पर भी मध्यरात्रि तक साधकों ने मां कालरात्रि की साधना की।
मां भगवती की सातवीं शक्ति का नाम देवी कालरात्रि है और नवरात्र के सातवें दिन देवी के इसी स्वरूप की पूजा का विधान है। सृष्टि संयोजन और संचालन इन्हीं की कृपा का फल है। एक बार भगवान शिव ने इन्हें काली कह दिया तभी से इनका नाम काली पड़ा। ऐसी मान्यता है कि अखंड ज्योति जलाकर काले तिलों से पूजा करने और जप-तप करने से साधकों की साधना सिद्ध होती है और भक्तों के सारे मनोरथ पूर्ण होते है। इसी मान्यता के अनुसार नवरात्र के सातवें दिन शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में मां कालरात्रि की पूजा के लिए भोर पहर से लेकर मध्यरात्रि तक श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही।
श्रद्धालुओं ने सूर्यकुंड में स्नान कर मां पाटेश्वरी एवं देवी कालरात्रि की विधिविधान से पूजा-अर्चना की। नगर के स्वाभिमानपुरम में सुश्री कुमारी वैष्णवी महाशक्ति सेवा समिति की तरफ से सैनिटाइजर लगाया गया है। श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद ही पूजा-अर्चना की अनुमति दी जाती है। आयोजक डीएन सिंह ने बताया कि नवरात्र पर्व के दौरान कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन कराया जा रहा है।
ग्राम सहिबरा बरईपुर में सजे पूजा पांडाल में माता रानी के दर्शन के लिए सुहब-शाम श्रद्धालु जुट रहे हैं। ग्राम प्रधान गुड़िया देवी ने बताया कि गुरुवार शाम पंडाल में विशेष आरती की गई। सदर विधायक पल्टूराम, बृजेंद्र तिवारी, पवन शुक्ला, आकाश पांडेय व विनोद कुमार गुप्ता आदि ने मां दुुर्गा की आरती उतारकर विश्व कल्याण की कामना की।
इसके अतिरिक्त बिजलीपुर स्थित बिजलेश्वरी देवी मंदिर, तुलसीपुर स्थित नई देवी मंदिर, सोहेलवा स्थित रहिया देवी मंदिर, वाराही देवी मंदिर, उतरौला स्थित ज्वाला देवी मंदिर, पेहर बाजार स्थित दुर्गा मंदिर, महुआ इब्राहिम स्थित करिया दुर्गा मंदिर, नगर स्थित झारखंडी मंदिर, समय माता मंदिर, बड़की बहिनी मंदिर व सभी कालीथानों पर भोर पहर से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने अखंड ज्योति जलाकर मां कालरात्रि की साधना की और उनसे परिवार के लिए खुशहाली एवं सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।