जरवा। सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग के रामपुर रेंज स्थित दारा नाला ईको पर्यटन स्थल पर जल्द ही स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कैंटीन का संचालन करती नजर आएंगी। बरसात के कारण बंद पड़ी पर्यटन गतिविधियों के बीच महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल शुरू हो गई है। खंड विकास अधिकारी के निर्देश पर कैंटीन संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को देने की तैयारी की जा रही है।
ईको पर्यटन विकास समिति की अध्यक्ष चांदनी ने बताया कि लंबे समय से फंड के अभाव और पर्यटन गतिविधियां ठप रहने से उनकी आजीविका प्रभावित हुई है। अब समूह की महिलाओं को कैंटीन और अन्य सुविधाओं के संचालन की जिम्मेदारी मिलने से रोजगार का नया अवसर मिलेगा। जल्द ही बैठक कर संचालन की रूपरेखा तय की जाएगी।
बालापुर में बालाजी प्रेरणा कैंटीन शुरू करने की भी तैयारी है। सूरज, लक्ष्मी, राप्ती और निर्माण महिला स्वयं सहायता समूह की साध्वी, लक्ष्मी, प्रियंका, रामारती, अंशु व ममता ने ब्लॉक मिशन प्रबंधक कमलेश और धवन चौधरी के साथ बैठक कर आगे की रणनीति बनाई। इसकी रिपोर्ट खंड विकास अधिकारी को सौंप दी गई है।
समूह की महिलाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
ब्लॉक मिशन मैनेजर कमलेश कुमार ने बताया कि कैंटीन संचालन से पहले महिलाओं को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद खंड विकास अधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में संचालन स्थल और व्यवस्थाओं पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस संबंध में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने ब्लॉक मिशन प्रबंधन टीम के साथ बैठक कर प्रस्ताव भी तैयार किया है।
पर्यटकों को मिलेगी जलपान व पेयजल की सुविधा
रामपुर रेंज के रेंजर भोला सिंह ने बताया कि कैंटीन बंद होने से पर्यटकों की संख्या प्रभावित हुई है। वन विभाग ईको विकास समिति के सहयोग से जल्द व्यवस्थाएं बहाल कराने का प्रयास कर रहा है। कैंटीन शुरू होने के बाद दारा नाला ईको पर्यटन स्थल पर आने वाले पर्यटकों को पेयजल और जलपान की सुविधा फिर से मिल सकेगी। इससे पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।