बलरामपुर। धान की रोपाई पूरी होने के बाद जिले में एक सप्ताह से बारिश नहीं होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों का पानी सूखने लगा है, कई जगह मिट्टी में दरारें पड़ गई हैं और धान की पत्तियां पीली होने लगी हैं। समय पर नमी नहीं मिलने से फसल की शुरुआती बढ़वार प्रभावित होने लगी है।
जिले में इस वर्ष करीब 1.30 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई हुई है। शुरुआती मानसूनी बारिश से रोपाई का कार्य तेजी से पूरा हो गया था, लेकिन इसके बाद वर्षा का सिलसिला थम गया। आपदा विभाग के अनुसार एक जून से 27 जुलाई तक जिले में 359 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो धान की शुरुआती वृद्धि के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा रही।
सदर क्षेत्र के किसान मनोरथ ने बताया कि रोपाई के बाद धान को लगातार पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन एक सप्ताह से खेत सूख रहे हैं। मजबूरी में निजी ट्यूबवेल से सिंचाई करानी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत बढ़ गई है।
किसान श्याम बहादुर ने बताया कि डीजल और बिजली से सिंचाई कराने में हजारों रुपये अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो फसल की बढ़वार रुक जाएगी और उत्पादन प्रभावित होगा।
किसान पिंटू के अनुसार कई खेतों में मिट्टी फटने लगी है। धान की पत्तियां पीली पड़ रही हैं और पौधों का विकास प्रभावित हो रहा है। किसान राजेंद्र ने कहा कि जिन छोटे किसानों के पास निजी ट्यूबवेल नहीं हैं, उन्हें किराये पर सिंचाई करानी पड़ रही है, जिससे लागत लगातार बढ़ रही है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि रोपाई के तुरंत बाद धान की फसल को लगातार नमी की आवश्यकता होती है। इस दौरान खेत सूखने पर पौधों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं, जिसका असर बाद में अच्छी बारिश होने पर भी उत्पादन पर पड़ सकता है।
खेतों में नमी बनाए रखें : जिला कृषि अधिकारी
जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार ने बताया कि धान की शुरुआती अवस्था में खेतों में पर्याप्त नमी बनाए रखना जरूरी है। जिन क्षेत्रों में वर्षा नहीं हो रही है, वहां किसान उपलब्ध सिंचाई साधनों से खेतों की सिंचाई करें। विभाग लगातार फसलों की निगरानी कर रहा है। अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होने पर फसल को राहत मिल सकती है।
28 जुलाई से बारिश के आसार
जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 28 जुलाई से लगातार तीन दिनों तक जिले में मध्यम से तेज वर्षा होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम तंत्र के प्रभाव से अच्छी बारिश के आसार हैं। यदि पूर्वानुमान सही रहा तो धान की फसल को राहत मिलेगी और किसानों की चिंता काफी हद तक कम हो सकती है।
फोटो-13-बलरामपुर के पेहर बाजार में सूख रही धान की फसल ।-संवाद