बलरामपुर। जिले की 779 ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक व्यवस्था बदली जा चुकी है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पंचायतों की जिम्मेदारी प्रधानों को बतौर प्रशासक सौंपी गई है। इसके साथ ही जहां प्रधान न होने की स्थिति में प्रशासनिक समिति काम कर रही है, वहां उसी ब्लॉक के एडीओ पंचायत बतौर प्रशासक काम देखेंगे।
प्रशासनिक समिति निष्क्रिय कर दी गई है।जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। ये प्रशासक भी पंचायतों में रोजमर्रा के जरूरी कार्यों की निगरानी करेंगे, लेकिन कोई नया बड़ा फैसला नहीं ले सकेंगे। प्रशासन ने साफ किया है कि पहले से स्वीकृत निर्माण और विकास कार्य पूरे कराए जा सकते हैं, लेकिन नए विकास कार्य शुरू नहीं होंगे।
यदि किसी गांव में विशेष परिस्थिति पैदा होती है और नया कार्य कराना जरूरी होता है तो उसके लिए जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। पंचायतों के खाते से होने वाले खर्चों पर भी निगरानी रखी जाएगी।