बलरामपुर। राप्ती का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 27 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। बाढ़ का खतरा टल गया है लेकिन कटान तेज हो गई है। सदर व उतरौला तहसील के डेढ़ दर्जन गांवों के पास राप्ती खेतों व घरों को काट रही है। ग्रामीणों ने डीएम से कटान से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है। डीएम के निर्देश पर कटान वाले गांवों में हल्का लेखपालों से नुकसान की रिपोर्ट तलब की गई है।
गुरुवार को तीन बजे राप्ती नदी का जलस्तर 103.35 मीटर नापा गया जो चेतावनी बिंदु 103.62 मीटर से 27 सेेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर घटने से राप्ती नदी में कई स्थानों पर कटान भी तेज हो गई है। सदर व उतरौला तहसील के कई गांवों में राप्ती कटान कर रही है।
सदर व उतरौला तहसील के लालपुर फगुइया, गोसाईपुरवा, पाठकपुरवा, गुलामपुरवा, बेलहा, चरनगहिया, रामपुर बौढ़िहार, कुडऊ, घोसियारपुर व वजीरगंज सहित कई गांवों में राप्ती कटान कर रही है। आशियानों के साथ लोगों की जमीन भी राप्ती निगल रही है। कटान पीड़ितों ने शासन-प्रशासन से क्षति का आकलन कराकर मुआवजा मुहैया कराने की मांग की है।
सदर एसडीएम डॉ. नागेंद्र नाथ यादव ने बताया कि बाढ़ व कटान प्रभावित इलाकों में हल्का लेखपालों से निगरानी कराई जा रही है। उतरौला एसडीएम अरुण कुमार गौड़ भी राप्ती कटान वाले गांवों पर लेखपालों को तैनात किया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व व जिला आपदा अधिकारी अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि कटान प्रभावित इलाकों में प्रशासन की तरफ से जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
तीनों तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदारों व लेखपालों को कटान प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है। जिले में मौजूद एसडीआरएफ की टीम भी कटान प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षा के संबंध में जागरूक कर रही है।