फोटो-28-बलरामपुर में स्थित बर्न यूनिट।-संवाद
बलरामपुर। शासन स्तर से भले ही सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाई जा रही हों, लेकिन स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की लापरवाही से जनता को लाभ नहीं मिल पा रहा है। संयुक्त जिला चिकित्सालय में करोड़ों की लागत से बर्न यूनिट बनकर तैयार है, लेकिन इसका लाभ घायलों को नहीं मिल पा रहा है। बर्न यूनिट में चिकित्सक व अन्य कर्मियों की तैनाती न होने से संचालन अटका हुआ है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय में प्लास्टिक सर्जरी और बर्न यूनिट के निर्माण को वर्ष 2014-15 में स्वीकृति मिली थी। दिसंबर 2017 में भवन तैयार हो गया। कार्यदायी संस्था ने फरवरी 2018 में उसे सीएमओ को हस्तांतरित भी कर दिया, लेकिन तब से भवन बंद है। ऐसे में अग्निकांड में घायल मरीजों को जिले में इलाज नहीं मिल रहा है। लाखों रुपये की लागत से जिला अस्पताल परिसर में स्थापित बर्न यूनिट जले हुए मरीजों के जख्मों पर मरहम लगाने में नाकाम है। भगवतीगंज निवासी व्यवसायी रवि सोनी व छात्र विशाल मिश्र ने बताया कि यदि बर्न यूनिट का संचालन हो जाए तो घायलों का इलाज यहीं हो जाए। बेवजह उन्हें लखनऊ व बहराइच न रेफर करना पड़े। अधिकारी व जनप्रतिनिधियों को शासन स्तर पर पैरवी करके बर्न यूनिट का संचालन शुरू कराना चाहिए।
सदर विधायक भी स्वास्थ्य मंत्री से कर चुके हैं मांग
संयुक्त जिला चिकित्सालय में बने बर्न यूनिट का संचालन शुरू कराने के लिए सदर विधायक पल्टूराम भी स्वास्थ्य मंत्री से मांग कर चुके हैं। सदर विधायक ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने बर्न यूनिट का संचालन शुरू कराने के लिए जल्द ही चिकित्सक व कर्मियों की तैनाती का भरोसा दिलाया है।
यूनिट के सामान हो गए थे चोरी
संयुक्त जिला अस्पताल में कुछ साल पहले चोरी हुई थी। चोर बर्न यूनिट के भवन में लगे पंखे, ऑक्सीजन का पाइप, वायरिंग का सामान सहित अन्य उपकरण उठा ले गए थे। अब इन सब उपकरणों को लगाने के लिए बजट की डिमांड की गई है। पैसा आने के बाद बर्न यूनिट की मरम्मत का कार्य होगा।