बलरामपुर। हिंदू युवतियों का अवैध धर्मांतरण कराने और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर पर आरोप तय होने के बाद मंगलवार को उतरौला में सतर्कता बढ़ा दी गई है। उनके ठिकानों पर निगरानी के साथ ही क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह ने कहा कि क्षेत्र में निरंतर निगरानी की जा रही है। आरोप तय होने की जानकारी मिली है। क्षेत्र में नजर रखी जा रही है।
उतरौला के मधपुर में कोठी बनाकर छांगुर ने अवैध धर्मांतरण का अड्डा ही नहीं बनाया, पूरे पूर्वांचल में अपनी पैठ बनाई थी। 5 जुलाई 2025 को उसकी और सहयोगी नीतू की गिरफ्तारी के बाद से कई मामलों का खुलासा हुआ। जिसके बाद मधपुर की कोठी परिसर में अवैध निर्माण को ढहाया गया। जहां आज भी पुलिस निगरानी कर रही है। नौ महीनों से लखनऊ जेल में बंद छांगुर और उसके गिरोह के सात अन्य सदस्यों पर आरोप तय होने के बाद एक बार फिर वह सुर्खियों में है। छांगुर के राजदार बब्बू चौधरी ने कहा कि छांगुर जैसे राष्ट्रविरोधी व्यक्ति को जल्द सजा मिलनी चाहिए। इसी तरह क्षेत्र के मंगल कुमार ने माना कि अब छांगुर को कड़ी सजा मिलेगी। इसके साथ ही छांगुर के जो करीबी उससे ऐन वक्त पर दूर हो गए थे, एक बार फिर उनकी निगाहें पूरे मामले पर टिक गई हैं। फिलहाल उतरौला में छांगुर की सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन के दो कॉम्प्लेक्सेस ईडी ने जब्त कर रखा है। जिसकी भी निगरानी पुलिस कर रही है। सभी की निगाहें छांगुर के मामले में सुनवाई पर टिकी है।