बलरामपुर। बहुचर्चित स्वास्थ्य घोटाले में मुख्य आरोपी एवं पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव को अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद विजिलेंस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर दी है। सूत्रों के मुताबिक टीम ने गोंडा के साथ-साथ लखनऊ और बाराबंकी में भी दबिश और छानबीन तेज कर दी है। आरोपियों के संभावित ठिकानों, करीबी रिश्तेदारों और संपर्क सूत्रों पर नजर रखी जा रही है ताकि जल्द से जल्द उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।
विजिलेंस पूर्व विधायक के भाई अजय श्रीवास्तव के साथ ही तत्कालीन सीएमओ डाॅ. घनश्याम सिंह, सीएमएस डॉ. सत्यदेव भारती की तलाश में जुटी है। सूत्रों के अनुसार विजिलेंस को आशंका है कि कुछ आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे हैं और परिचितों के यहां शरण लेकर गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रहे हैं। इसी को देखते हुए टीम को अलग-अलग स्थानों पर रवाना किया गया है। स्थानीय पुलिस और खुफिया तंत्र से भी इनपुट लिए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य घोटाले पर सियासी दबाव बढ़ा
स्वास्थ्य घोटाले में मंडल के 10 विधायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर घोटाले में शामिल सभी दोषियों पर कार्रवाई एवं शेष आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। विधायकों के पत्र के बाद इस मामले में राजनीतिक दबाव भी बढ़ गया है। मुख्यमंत्री को पत्र भेजने वालों में पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी, बलरामपुर सदर विधायक पल्टूराम, तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल, उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा, श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडेय सहित देवीपाटन मंडल के कुल 10 विधायक शामिल बताए जा रहे हैं। विधायकों ने अपने पत्र में कहा है कि स्वास्थ्य योजनाओं के लिए जारी सरकारी धन में अनियमितता जनता के हितों से जुड़ा गंभीर मामला है। राजनीतिक स्तर पर विधायकों के खुलकर सामने आने और अदालत से राहत न मिलने के बाद माना जा रहा है कि स्वास्थ्य घोटाले की जांच और तेज हो गई है।