बलरामपुर। कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए न्यायालयों में सतर्कता बरती जा रही है। वीडियो कांफ्रेंसिंग से न्यायालयों में मुकदमों की सुनवाई की जाएगी। जिला जज शेषमणि ने गुरुवार को सभी न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुकदमों की सुनवाई करने के संबंध में आदेश जारी किया है।
आदेश में जिला जज ने कहा है कि हाईकोर्ट से कोरोना प्रोटोकॉल को लेकर जो दिशा निर्देश जारी किए गए है उसका अनुपालन पूरी तरीके से कराया जाएगा। सभी न्यायिक अधिकारी हाईकोर्ट के दिशा निर्देश के अनुसार न्यायिक व प्रशासनिक कार्य कराएंगे। न्यायिक कार्यों के पूरा होने के बाद तत्काल अधिकारी व कर्मचारी न्यायालय परिसर छोड़ देंगे। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय की कार्रवाई के लिए अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का न्यायालय निर्धारित किया गया है।
अधिवक्ताओं को इन्हीं न्यायालयों में अपने वादों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पैरवी करनी होगी। प्रत्येक न्यायिक अधिकारियों के लैपटॉप पर मुकदमों के विवरण अपलोड करा दिए गए है। न्यायिक अधिकारियों की तरफ से जेल में निरुद्ध दोष सिद्ध बंदियों से संबंधित रिमांड/ न्यायिक कार्यों का संपादन भी वीडियो कांफ्रेेंसिंग से किया जाएगा। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम एसएसबी सिंह व न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय शशि गौतम को विचाराधीन बंदियों के न्यायिक व रिमांड और रिहाई व बेलबांड के सत्यापन का जिम्मा सौंपा गया है।
नए वाद / प्रार्थना पत्र कंप्यूटर से प्राप्त किए जाएंगे। सभी प्रार्थना पत्र सीआईएस पर पंजीकृत किए जाएंगे। जिसमें वकील / वादकारी का विवरण मोबाइल नंबर के साथ उपलब्ध रहेगा जिससे प्रार्थना पत्र की कमी को दुरुस्त कराया जा सकता है। अधिवक्ताओं को ईमेल से सूचना भेजने की सुविधा दी गई है। प्रत्येक न्यायालय में वकीलों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।
न्यायालय में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति को मास्क पहनना अनिवार्य है। हर न्यायालय के प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर का इंतजाम किया गया है। केवल उन्हीं वकीलों व वादकारियों को न्यायालय में प्रवेश मिलेगा जिनके मामले सुनवाई के लिए लगे है और उन्हें कार्य समाप्ति के बाद तत्काल न्यायालय परिसर छोड़ना होगा। जिला जज ने पीठासीन अधिकारियों से अपेक्षा की है कि कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हरहाल में कराएं। पुरुष व महिला वकीलों के लिए न्यायालय में उपस्थित होने के लिए निर्धारित वेशभूषा में छूट दी गई है।
पुरुष अधिवक्ता सफेद शर्ट बैंड के साथ, हल्के रंग की पैंट और महिला अधिवक्ता हल्के रंग की पोशाक व बैंड धारण करेंगी। न्यायिक अधिकारियों को कोर्ट व गाउन पहनने से छूट प्रदान की गई है। इस अवधि में किसी भी समस्या का निराकरण कराने के लिए वकील / वादकारी प्रशासनिक अधिकारी विजय शंकर लाल के मोबाइल नंबर 9838318442 अथवा प्रदीप कुमार श्रीवास्तव प्रशासनिक लिपिक के मोबाइल नंबर 7985486255 पर संपर्क कर सकते है।