बलरामपुर। तीन दिनों के प्रशिक्षण से गायब 389 मतदान कार्मिकों को एमएलके पीजी कॉलेज सभागार में 16 अप्रैल को अंतिम मौका दिया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के अंतिम मौके में शामिल न होने पर मतदान कार्मिकों के खिलाफ आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन में केस दर्ज करा दिया जाएगा। जिले के पांच केंद्रों पर चार दिनों में 15 हजार मतदान कार्मिकों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशिक्षण देने के लिए दोनों पालियों में प्रतिदिन 3500 मतदान कार्मिक बुलाए जा रहे हैं।
प्रभारी अधिकारी मतदान कार्मिक/सीडीओ रिया केजरीवाल ने गुरुवार को बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 26 अप्रैल को वोटिंग कराने वाली चार सदस्यीय टीम में शामिल पीठासीन अधिकारी के साथ प्रथम, द्वितीय व तृतीय मतदान कार्मिकों को 12 अप्रैल से दो-दो पालियों में जिले के पांच केंद्रों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रत्येक पाली में पांच केंद्रों पर 1750-1750 मतदान कार्मिकों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया था। दोनों पालियों में 12 अप्रैल को 145, 13 अप्रैल को 128 और 14 अप्रैल को 116 मतदान कार्मिक प्रशिक्षण में शामिल नहीं हुए।
15 अप्रैल को एमपीपी इंटर कॉलेज के 19 कमरों की सूचना डीएसटीओ संजीव कुमार, एमपीपी इंटर कालेज सभागार की सूचना अभियंता लघु सिंचाई अनिरुद्ध कुमार यादव, एमएलके पीजी कॉलेज सभागार की सूचना अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा सेल संतोष कुमार यादव, जिला पंचायत सभागार की डीपीओ केएम पांडेय, यूपीटी होटल हाल से अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी आलोक कुमार सिंह व होटल बलरामपुर हाल से कौशल विकास मिशन के एमआईएस मैनेजर गोविंद पांडेय से दोनों पालियों की रिपोर्ट मांगी गई है।
प्रशिक्षण न प्राप्त करने वाले मतदान कार्मिकों को एमएलके पीजी कॉलेज सभागार में 16 अप्रैल को शामिल होने के लिए निर्देश दिया गया है। अंतिम रुप से दिए गए मौके में प्रशिक्षण से नदारद रहने वाले मतदान कार्मिकों के खिलाफ आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन में सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कराकर विधिक कार्रवाई की जाएगी।