बलरामपुर। लॉकडाउन के चलते ऑनलाइन जनसेवा केंद्र बंद पड़े हैं। जनसेवा केन्द्र बंद होने के कारण किसान गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण नहीं करा पा रहे हैं। पंजीकरण न होने के चलते अन्नदाताओं का गेहूं क्रय केंद्रों पर नहीं बिक पा रहा है ऐसे में किसान अपनी उपज बिचौलियों के हाथ औने-पौने दाम बेंचने को विवश हैं।
किसान रामतेज, देवसरन, रामू, जमील, विजय व बसंत आदि ने बताया कि लॉकडाउन के चलते बाजार बंद है। कम्प्यूटर की दुकान व जन सेवा केन्द्र भी बंद पड़े हैं। ऐसे में किसान गेहूं का विक्रय करने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण नहीं करा पा रहे हैं।
पंजीकरण व सत्यापन न होने के कारण खून-पसीने से तैयार उपज घर में ही डंप है। सरकारी क्रय केन्द्रों पर गेहूं न बेंच पाने से मायूस किसान बिचौलियों के हाथ औने-पौने दाम पर गेहूं बेंचने को विवश हैं। किसानों का कहना है कि लॉकडाउन दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
ऐसे में हम लोगों के पास बिचौलियों के हाथ गेहूं बेंचने के सिवाय कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। किसानों का यह भी कहना है कि किसी तरह ऑनलाइन पंजीकरण करा भी लिया जाए तो सत्यापन न होने के चलते गेहूं की बिक्री नहीं हो पाएगी।
अधिकारी भी बिना पंजीकरण व सत्यापन के गेहूं लेने में असमर्थता जता रहे हैं। किसानों ने जिलाधिकारी से मांग किया है कि गेहूं विक्रय के लिए ऑनलाइन जनसेवा केन्द्र खोलने की छूट दी जाए ताकि अन्नदाता अपनी उपज बेंचने के लिए पंजीकरण करा सकें।