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तीन दिन में तीन गुना हुए सब्जियों के दाम

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बलरामपुर। करीब चार दशक बाद जिले में फिर तबाही बनकर आई भीषण बाढ़ ने सब कुछ चौपट कर दिया है। जिन खेतों में सब्जियां, गन्ना व धान की फसल लहलहा रही थी वहां अब पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। बाढ़ के चलते तीन दिन में ही सब्जियों के दाम तीन गुना तक बढ़ गए हैं। बाढ़ के चलते काम-धंधा बंद कर घर बैठे गरीबों के समक्ष दो जून की रोटी का जुगाड़ करना भी मुश्किल हो रहा है।
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बुजुर्गों की मानें तो आज से करीब 40-42 वर्ष पहले नगर में बाढ़ से ऐसी ही तबाही मची थी। उस समय बलरामपुर नगर के लगभग सभी मोहल्लों में पानी भर गया था। इस वर्ष आई बाढ़ भी सभी मोहल्लों को धीरे-धीरे अपनी चपेट में ले रही है। कानपुर से आकर जिले के महराजगंज तराई क्षेत्र में लीज (किराए) पर खेत लेकर सब्जी की खेती कर रहे सुहेेल ने बताया कि बाढ़ से मुनाफा तो दूर लागत भी बह गई है। इसी तरह आसपास के जिलों से भी लोग यहां आकर सब्जियों की खेती करते हैं, मगर बाढ़ ने इनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है।
बरगदही, किठुरा, जबदही, गुरचाही व रमईडीह आदि क्षेत्रों में दिहाड़ी मजदूरी करने वाले सुरजीत कुमार, महेश वर्मा, इरफान, बाबूलाल आदि का कहना है कि चारों तरफ पानी ही पानी होने से काम बंद हो गया है। बरसात और अब बाढ़ के कारण घर में दो जून की रोटी के लाले पड़ने लगे हैं। बच्चे भूख से तड़प रहे हैं। प्रशासन व कुछ समाजसेवियों की तरफ से सहायता तो मुहैया कराई जा रही है लेकिन वह नाकाफी साबित हो रही है। पैसा न होने तथा चारों तरफ बाढ़ के कारण कुछ सामान भी नहीं खरीद सकते हैं।
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वहीं, बाढ़ के चलते सब्जियों के दामों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। सभी सब्जियों के दाम दो से तीन गुने हो गए हैं। दुकानदार बबलू, संतोष व कलीम आदि का कहना है कि जिले में पैदा होने वाली सब्जियां बाढ़ के चलते बर्बाद हो गई हैं। बाहर से भी सब्जियां नहीं आ रही हैं, इसी के चलते दाम बढ़े हैं।
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