बलरामपुर। बरसात से जिलों के खेतों में सूख रही गन्ना व धान की फसलों को संजीवनी मिली है। अब फसलों में यूरिया डाला जा रहा है, जिससे इसकी डिमांड अचानक बढ़ गई है। सहकारी समितियों पर किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। इसके लिए किसान दर-दर भटकने को मजबूर हैं। जिले की कई समितियों पर सोमवार को ताला लटकता मिला।
किसानों को निजी दुकानों से 350 रुपये में यूरिया खरीदने के लिए विवश होना पड़ा। यही नहीं मथुरा बाजार में किसानों ने खाद न मिलने पर विरोध प्रदर्शन भी किया। अधिकारियों के अनुसार गोदाम पर खाद उपलब्ध है लेकिन, सचिव भाड़ा बचाने के लिए गोदाम से यूरिया उठाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इसका खामियाजा किसानों को झेलना पड़ रहा है।
समितियों पर लटका मिला ताला
क्षेत्रीय सहकारी समिति कौवापुर में सोमवार को ताला लटकता मिला। समिति से लौट रहे राजू, प्रमोद व छोटका ने बताया कि यूरिया लेने आए थे, लेकिन समिति पर ताला बंद है।
जरवा क्षेत्र के कुसहवा में स्थित बहुउद्देशीय दीर्घाकार सहकारी समिति सोनगढ़ा में भी ताला लटकता मिला। सचिव श्री प्रकाश सिंह ने फोन पर बताया कि समिति को 20 दिन पहले 680 बोरी खाद मिली थी। उसे वितरित किया जा चुका है। खाद की डिमांड भेजी गई है, सप्लाई मिलते ही किसानों को वितरण शुरू करा दिया जाएगा।
दोपहर साढ़े 12 बजे सहदेइया गांव में संचालित बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति बंद मिली। समिति का भवन जर्जर है। सचिव जुगेश्वर प्रसाद जायसवाल ने बताया कि स्वास्थ्य खराब होने के कारण इस सत्र में उन्होंने खाद की कोई उठान नहीं की है।
क्षेत्रीय सहकारी समिति मथुरा बाजार पर अपराह्न दो बजे ताला लटकता मिला। किसान जोखू, लवकुश तिवारी, माता प्रसाद व महबूब आलम आदि ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा कि यूरिया लेने आए थे, लेकिन समिति बंद मिली। एक घंटे इंतजार करने के बाद वापस जा रहे हैं। गोदाम प्रभारी रामकबीर यादव ने बताया कि केंद्र पर यूरिया नहीं है, उसी की डिमांड करने बलरामपुर आया हूं।
महंगे दाम पर ले रहे खाद
जरवा क्षेत्र में रहने वाले ननकन मिश्रा, शकील खान, राघवराम थारू, हरीश, घनश्याम व खेम सिंह राणा ने बताया कि धान की फसल में डालने के लिए यूरिया नहीं मिल रही है। निजी दुकानों पर 350 से लेकर 400 रुपये में खाद लेनी पड़ रही है। बलरामपुर देहात में रहने वाले संतोष, दीपराज, विनीता व पप्पू ने बताया कि खाद के लिए तीन बार समिति का चक्कर काट चुके हैं लेकिन नहीं मिली।
गोदाम पर पर्याप्त यूरिया उपलब्ध
गोदाम पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। सचिव यहां से उठान कर सकते हैं। लेकिन वे गोदाम से समिति तक लगने वाले भाड़े से बचने के लिए खाद की उठान करने से कतरा रहे हैं। सचिव रैक लगने पर समिति तक मुफ्त खाद पहुंचने की आस में बैठे रहते हैं।
- अमरेश मणि त्रिपाठी, एआर कोऑपरेटिव