सुबह पूरे जिले में बाहर के टीम की आहट की चर्चा रही। सीमावर्ती क्षेत्रों में छापा और छह लोगों को उठाने की बात सामने आई। दोपहर तक कई तरह का संशय रहा, मंगलवार की रात करीब दो बजे से पुलिस अधीक्षक ने एक विशेष टीम बनाई। जिसने छापा डाल कर जिला समन्वयक समेत कुछ लोगों को पचपेड़वा और गैसड़ी क्षेत्र से उठाया। सुबह तक एटीएस और एसटीएफ की चर्चा रही। अधिकारियों से संपर्क करने पर पता चला कि एसपी की टीम ने जांच किया है। फिलहाल दोपहर में डीएम ने बीएसए और वित्त एवं लेखाधिकारी को बुलाकर रिपोर्ट देखी। इसके बाद एफआईआर के आदेश हुए, देरशाम तक एफआईआर को सार्वजनिक न करने पर जोर रहा। बताया जा रहा है कि पुलिस अभी गोपनीय जांच करने की तैयारी में थी। जिससे आरोपियों की गिरफ्तारी हो सके। लेकिन शाम तक एफआईआर जारी हो गई।
अधिकारियों ने की लापरवाही
सेवानिवृत्त सहायक शिक्षा निदेशक फतेह बहादुर सिंह ने कहाकि एमडीएम केंद्र की सबसे गंभीर योजना है। इसमें बजट जारी करने से पहले विद्यालयों से उपभोग लिया जाता है। हर साल 30 सितंबर की छात्र संख्या के आधार पर बजट जारी होता है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी की स्वीकृति पर ही बजट विद्यालयों को जारी होता है। हर दिन एमडीएम की मोबाइल कॉल के जरिए स्थिति ली जाती है। हर साल बजट के खर्च की ऑडिट होती है। इसके बाद भी पांच वर्ष से घपला हो रहा था तो विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय ही होगी। एमडीएम योजना में इस तरह का घपला गंभीर मामला है। जिसकी निगरानी के लिए हर स्तर पर टीम बनी है।
रिपोर्ट दर्ज कर हर स्तर से की जा रही जांच
एमडीएम घपले की रिपोर्ट दर्ज कर हर स्तर से जांच की जा रही है। अभी लोगों को पूछताछ किया जा रहा है। जल्द ही मामले में बड़ा खुलासा होगा।- विकास कुमार, पुलिस अधीक्षक