बलरामपुर। लॉकडाउन के अनलॉक-1.0 में अब लोगों की जिंदगी पटरी पर लौटने लगी है। ढाई माह बाद अनलॉक-1.0 के पहले दिन सड़कों पर 50 सरकारी बसें दौड़ाई गईं। सरकारी बसों से मुसाफिरों ने अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए यात्राएं कीं। बाजारों में भी रौनक बढ़ी। सामानों की खरीददारी के लिए लोग घरों से बाहर निकले।
सरकारी व निजी दफ्तरों में भी 100 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति रही। कर्मचारियों ने सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क व सैनिटाइजर का प्रयोग करके कार्य किया। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने और लोगों को सुरक्षा दिलाने के लिए रेलवे स्टेशनों को सैनिटाइज किया गया।
लॉकडाउन के अनलॉक-1.0 में पहले दिन विभिन्न रूटों पर 50 रोडवेज बसों का दौड़ाया गया। एआरएम विश्राम ने बताया कि गोंडा, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, लखनऊ, बहराइच, सिरसिया, बढ़नी, उतरौला, बस्ती व डुमरियागंज सहित विभिन्न रूटों पर 50 रोडवेज बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है।
सभी यात्रियों की पहले थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई। विभाग के आठ कर्मियों को कोरोना की थर्मल स्क्रीनिंग करने के लिए पीपीई किट दी गई है। हर बस में 500-500 एमएल का सैनिटाइजर रखा गया है। मुसाफिरों के साथ चालकों व परिचालकों को मास्क व सैनिटाइजर का प्रयोग कराया गया।
नई गाइडलाइन जारी होने के बाद पहले दिन लोगों ने बाजारों में निकलकर सामानों की खरीद की। बाजारों में रौनक बढ़ गई है। सभी प्रकार की दुकानें नए नियमों व शर्तों के अधीन खोल दी गई हैं। सभी कारोबारियों ने ढील दिए जाने पर खुशी जताई है। कारोबारियों का कहना है कि ढाई माह से बाजार बंद होने के चलते कारोबार का भारी नुकसान हुआ है। ढील मिलने से कारोबार पटरी पर लौटने की संभावना है। प्रशासन की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है।