बलरामपुर। बेरोजगार युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 का शुभारंभ किया गया है। योजना के तहत अब युवाओं को पहले से संचालित 11 परंपरागत ट्रेडों के साथ 14 नए ट्रेडों में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे युवाओं को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार कला सीखकर रोजगार व स्वरोजगार के अवसर हासिल करने में मदद मिलेगी।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत उद्योग विभाग की तरफ से बेरोजगार युवाओं को विशेष प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ा जाता है। पहले 11 ट्रेड में युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाता था। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के तहत परंपरागत व आधुनिक ट्रेड के तहत 14 व्यवसाय को शामिल किया गया है। योजना के तहत चयनित युवाओं को 10 दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान संबंधित ट्रेड की बारीकियां, काम करने की तकनीक और व्यवसाय को बेहतर तरीके से संचालित करने की जानकारी दी जाएगी। उद्योग विभाग के प्रबंधक अखिलेश सिंह ने बताया कि बाजार की मांग के अनुरूप आधुनिक कौशल विकास पर जोर दिया जा रहा है। इसलिए नए ट्रेड को शामिल किया गया है। ताकि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को हुनरमंद बनाया जा सके।
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पहले ये 11 ट्रेड में मिलता था प्रशिक्षण
उद्योग विभाग की तरफ से विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत पहले 11 ट्रेड में युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाता था। इसमें बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, नाई, राजमिस्त्री, सुनार, टोकरी बुनकर, हलवाई, मोची व धोबी ट्रेड शामिल था।
ये 14 ट्रेड नए जोड़े गए
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 में पांच परंपरागत ट्रेड व नौ आधुनिक ट्रेड कुल 14 नए ट्रेडो को शामिल किया गया है। परंपरागत ट्रेड में मूर्तिकार, मालाकार, दूधवाला, भरभूजा व मछुआरा और आधुनिक ट्रेड में मोबाइल मरम्मत, ऑटोमोबाइल मरम्मत, इलेक्ट्रॉनिक सामान की मरम्मत, विद्युत सामान की मरम्मत, प्लम्बर, कंप्यूटर मरम्मत, सोलर इंस्टालेशन, डिजिटल फोटाेग्राफी व सौंदर्य-वेलनेस शामिल किए गए हैं। अब इन ट्रेडों में भी बेरोजगार युवाओं को विशेष प्रशिक्षण देकर हुनरमंद बनाया जाएगा।