बलरामपुर के गौरामाफी गांव में बीमार लोगों को दवा वितरित करती स्वास्थ्य टीम। संवाद
- फोटो : मृतक आरक्षी संतोष चौरसिया।
हरैया सतघरवा। क्षेत्र के गौरामाफी गांव में पिछले एक सप्ताह से फैली बीमारी ने लोगों की जान लेनी शुरू कर दी है। उल्टी-दस्त की चपेट में आकर एक सप्ताह में गांव के बड़कने (36) और प्रियंका (3) की मौत हो गई। वहीं बुधवार को भौयाराम का पुत्र मोहित (1) की हालत नाजुक बनी हुई है, उसका इलाज सीएचसी तुलसीपुर में चल रहा है। 12 से ज्यादा ग्रामीण बीमारी की चपेट में हैं। स्वास्थ्य विभाग एक्यूट गैस्ट्रोएंटराइटिस बीमारी को मौत की वजह बता रहा है।
उल्टी-दस्त की चपेट में आने के बाद बड़कने की मौत 20 अगस्त हुई थी। वहीं 25 अगस्त को प्रियंका की मौत हो गई। एक तरह की बीमारी से दो मौत के बाद बुधवार को मोहित की तबीयत बिगड़ी तो स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। सीएचसी अधीक्षक विकल्प मिश्र ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों की दी। स्वास्थ्य टीम गांव पहुंची और मरीजों की जांच और उपचार शुरू किया गया। गांव निवासी मनोज कुमार पासवान ने बताया कि अनौप (4), विकास (12), घिराऊ (40), मुरली (45), भानुदत्त (38), मोहित (16), शिवांगी (20), तुलसीराम (22), मनोज कुमार (36) और ननकुन (21) समेत करीब एक दर्जन से ज्यादा लोग अभी भी बीमार हैं। गांव में बीमारी फैलने से लोग डरे हुए हैं।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. विकल्प मिश्र ने बताया कि गांव में टीम कैंप कर रही है। बताया कि दोनों मौत एक्यूट गैस्ट्रोएंटराइटिस बीमारी के कारण हुई हैं।