बलरामपुर। जिले में पिछले दो दिनों से हो रही रुक-रुककर बारिश ने तराई क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। हरैया सतघरवा ब्लॉक के इटैहिया गांव में सोमवार को हेंगहा पहाड़ी नाले का पानी आबादी तक पहुंच गया। इससे गांव की गलियां, संपर्क मार्ग और विद्यालय परिसर जलमग्न हो गए। वहीं गैसड़ी विकासखंड के धोबहा गांव में बूढ़ी राप्ती नदी के तेज कटाव से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। बारिश के बीच पहाड़ी नालों और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है।
हरैया सतघरवा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बनघुसरी के मजरा इटैहिया में हेंगहा पहाड़ी नाले का पानी गांव में भर गया। मुख्य रास्तों पर पानी भरने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। कई स्थानों पर लोगों को घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। विद्यालय परिसर में पानी भरने से बच्चों और शिक्षकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण शेषराम, नान बच्चा, माधव राम, रामनिकुन, छोटकऊ खान, रामकुमार वर्मा, सिपाही लाल, झाली गौतम, नन्ननु गौतम और घुरहू गौतम ने बताया कि करीब दो माह पहले हेंगहा नाले की सफाई कराई गई थी, लेकिन काम अधूरा रहने से पानी की निकासी बेहतर नहीं हो सकी। तेज बारिश होते ही नाले का पानी गांव की ओर बढ़ जाता है। बनघुसरी-इटैहिया संपर्क मार्ग भी कई जगह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे चार पहिया वाहनों की आवाजाही प्रभावित है।
ग्रामीणों ने मिलकर अधिकारियों से ली जानकारी
बाढ़ की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन, अपर जिलाधिकारी ज्योति राय तथा सदर उपजिलाधिकारी हेमंत गुप्ता ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जलभराव वाले स्थानों का जायजा लिया और ग्रामीणों से बातचीत कर समस्याओं की जानकारी ली। लोगों ने नाले की सफाई, जल निकासी की व्यवस्था और कटान रोकने के लिए स्थायी उपाय कराने की मांग रखी। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को स्थिति पर नजर रखने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कटान के डर से सहमे हैं ग्रामीण
गौरा चौराहा। गैसड़ी विकासखंड की ग्रामसभा त्रिलोकपुर के धोबहा गांव में बूढ़ी राप्ती नदी का कटाव ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। नदी गांव के किनारे से होकर गुजरती है और बरसात के समय इसका बहाव तेज हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से नदी धीरे-धीरे कटान करते हुए आबादी के करीब पहुंच गई है। पहले भी कई मकान नदी की चपेट में आ चुके हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। ग्रामीण संतोष सिंह, प्रदीप कुमार, अशोक कुमार, रामलाल यादव, संतोषी और विद्यावती ने बताया कि बारिश के दौरान नदी का पानी गांव और खेतों की ओर बढ़ जाता है। इससे घरों और फसलों पर खतरा बना रहता है।
फोटो-20-बलरामपुर के इटैहिया जाने वाले मार्ग पर भरा बाढ़ का पानी ।-स्रोत: ग्रामीण
फोटो-20-बलरामपुर के इटैहिया जाने वाले मार्ग पर भरा बाढ़ का पानी ।-स्रोत: ग्रामीण
फोटो-20-बलरामपुर के इटैहिया जाने वाले मार्ग पर भरा बाढ़ का पानी ।-स्रोत: ग्रामीण