बलरामपुर। जनपद न्यायाधीश उत्कर्ष चतुर्वेदी ने बुधवार को मुकदमे की सुनवाई के दौरान दुष्कर्म व हत्या के प्रयास में दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने दोनों पर चार लाख पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। न्यायाधीश ने जुर्माने से तीन लाख 50 हजार रुपये युवती को देने का आदेश जारी किया है। सिर्फ 11 माह में मुकदमे का फैसला हुआ है।
गौरा चौराहा क्षेत्र के राप्ती नदी के किनारे 29 मार्च 2025 की सुबह गेहूं के खेत में युवती बेहोशी की हालत में मिली थी। घटना 28 मार्च 2025 की शाम करीब पांच बजे की है। जनपद सिद्धार्थनगर की एक युवती इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा देकर घर लौट रही थी। खुटेहना चौराहा के पास अजय कुमार उर्फ गौरी शंकर व धर्मेंद्र सोनी ने उसे कार में जबरन बैठा लिया था। इसके बाद युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद हथौड़ी व प्लास से हमला कर उसे घायल कर दिया था। चेहरे पर तेजाब डालकर जलाने का भी प्रयास किया था। बाद में राप्ती नदी के किनारे खेत में मृत समझकर बाेरे में भरकर फेंक दिया था।
किसानों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी थी। पुलिस ने युवती का इलाज कराकर दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजक कुलदीप सिंह ने न्यायालय में आठ गवाहों को पेश किया। जनपद न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अजय कुमार उर्फ गौरी शंकर व धर्मेंद्र सोनी को युवती से दुष्कर्म व हत्या के प्रयास का दोषी मानते हुए सजा सुनाई।