बलरामपुर के एसपी कार्यालय में मौजूद पकड़े गए अभियुक्त ।-स्रोत: विभाग
बलरामपुर। मीट की दुकान का फर्जी लाइसेंस देकर ढाई लाख रुपये की ठगी में दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उतरौला पुलिस ने बृहस्पतिवार को जनपद गोंडा कोतवाली नगर के मोहल्ला महरानीगंज निवासी मो. सैफ व अशफाक को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। उतरौला में भैंसे का गोश्त बेचने के लिए फर्जी दस्तावेज के सहारे लाइसेंस लिया गया था।
अभिहीत अधिकारी उत्तरी क्षेत्र गाजियाबाद रत्ना श्रीवास्तव ने दो सितंबर 2025 काे जांच करने के लिए पुलिस अधीक्षक विकास कुमार को रिपोर्ट भेजी। हफीज फूड्स प्रोपराइटर मोहम्मद हफीज लाइसेंस नंबर 12724998000309 मोहल्ला रफीनगर वार्ड नंबर 16 की एसपी ने जांच कराई। अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय ने बताया कि जांच में दुकान का लाइसेंस फर्जी मिला। दरोगा शिव कैलाश ने मोहम्मद हफीज के खिलाफ उतरौला में प्राथमिकी दर्ज कराई। विवेचना में लाइसेंस में फर्जीवाड़ा सिद्ध हुआ। तभी प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह ने 26 दिसंबर को आरोपी हफीज को पहले ही गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था, तब से दोनों की फर्जी लाइसेंस बनाने के आरोप में तलाश की जा रही थी। दोनों आरोपियों को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया गया है।
अधिक लाभ कमाने के चक्कर में किया फर्जीवाड़ा
एएसपी विशाल पांडेय ने बताया कि आरोपी मोहम्मद सैफ व अशफाक से पूछताछ की गई। बताया कि बेरोजगार हूं। उतरौला नगर में मुस्लिम आबादी अधिक है। भैंसे का गोश्त बिक्री करके अधिक लाभ कमाया जा सकता है। अधिक रुपये कमाने के लालच में जानने वाले मोहम्मद हफीज निवासी मोहल्ला रफीनगर उतरौला से संपर्क किया। पहले दोस्ती की, फिर उन्हें प्रलोभन देकर लाइसेंस बनवाने के लिए कहा। हफीज लाइसेंस बनवाने के लिए राजी हो गए। उन्होंने लाइसेंस बनवाने के लिए ढाई लाख रुपये दिए थे। हम लोगों ने फर्जी व कूटरचित लाइसेंस बनवा दिया। उतरौला में हफीज की देखरेख में भैंसे के मांस की बिक्री की जाने लगी। उतरौला में मांस बेचने से जो पैसे मिलते थे, उसे तीनों लोग आपस में बांट लेते थे। एक दूसरे का आर्थिक सहयोग भी करते थे। उतरौला में फर्जी लाइसेंस से भैंसे के गोश्त की बिक्री की जा रही थी।