फोटो-38-अंबिका प्रसाद चौरसिया ।-फाइल फोटो
उतरौला। होटल कारोबार में नुकसान और बढ़ती आर्थिक देनदारी से परेशान एक व्यवसायी ने बुधवार सुबह बस स्टेशन के पास स्थित अपनी दुकान में फंदा लगाकर जान दे दी। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
मृतक की पहचान सुभाषनगर मोहल्ला निवासी अंबिका प्रसाद चौरसिया उर्फ बबलू के रूप में हुई है। उनका मकान कस्बा चौकी के पीछे स्थित है। छोटे भाई लड्डू ने बताया कि अंबिका प्रसाद ने कुछ समय पहले होटल का कारोबार शुरू किया था, लेकिन कारोबार सफल नहीं हो सका। लगातार नुकसान के कारण उन पर काफी देनदारी हो गई थी। इसी वजह से वह पिछले कुछ समय से तनाव में रहते थे।
परिजनों के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब चार बजे अंबिका प्रसाद घर से निकले और बस स्टेशन के पास स्थित अपनी दुकान पर पहुंचे। कुछ देर बाद दुकान में उनका शव फंदे से लटका मिला। जानकारी होते ही परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह ने बताया कि व्यवसायी के तनाव में रहने की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अम्बिका प्रसाद अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और तीन पुत्रियों को छोड़ गए हैं। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिचितों और आसपास के लोगों ने घर पहुंचकर शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया।
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चंदे की 30 हजार रुपये की राशि को लेकर बैठक में हुआ था दबाव
मंगलवार रात श्रीबालाजी सेवा समिति की बैठक में करीब 30 हजार रुपये की बकाया चंदा राशि को लेकर अंबिका प्रसाद से भुगतान करने को कहा गया था। बताया जाता है कि उन्होंने तत्काल 10 हजार रुपये देने की बात कही थी। इसके बाद अधिक राशि देने को लेकर भी दबाव बनाए जाने की चर्चा है। हालांकि, इस बात की पुलिस स्तर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अंबिका प्रसाद श्री बालाजी सेवा समिति के संस्थापक उपाध्यक्ष थे। घटना के बाद समिति से जुड़े लोगों और व्यापारियों में भी शोक की स्थिति रही।