बलरामपुर। वर्षों से जिले में टिके डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों का स्थानांतरण कर दिया गया है। जिले से जहां 17 चिकित्सकों का तबादला गैर जनपद हुआ हैं, वहीं 24 डॉक्टरों का स्थानांतरण करके यहां भेजा गया है। हालांकि दूसरे जनपदों से आए डॉक्टरों ने यहां अभी तक ज्वाइन नहीं किया है। इससे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था बेपटरी हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग में काफी दिनों से स्थानांतरण न होने से जिले में कई डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी 10 साल से अधिक समय तक तैनात रहे। स्थानांतरण नीति की तहत शासन की तरफ से बीते दिनों जिले के तमाम चिकित्सकों का स्थानांतरण गैर जनपद कर दिया गया। जिले में कई सालों से टिके जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अरुण कुमार वर्मा, एसीएमओ डॉ. वीरेंद्र कुमार आर्या, निश्चेतक नसीम अहमद अंसारी, पचपेड़वा सीएचसी के अधीक्षक डॉ. मिथिलेश कुमार, गैसड़ी सीएचसी के अधीक्षक डॉ. सुशील कुमार गौतम, तुलसीपुर सीएचसी के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार, उतरौला की डॉ. सीमा यादव, डॉ. विनोद कुमार गुप्ता, डॉ. अनिल, डॉ. अमित, डॉ. आशुुतोष, डॉ. गुरफाम, डॉ. अनूप व डॉ. अभिषेक सहित 17 चिकित्सकों का स्थानांतरण दूसरों जिलों में हुआ है।
वहीं, जिला संयुक्त चिकित्सालय के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एनके वाजपेयी व डॉ. रश्मि यादव तथा महिला चिकित्सालय के सर्जन डॉ. आरके सिंह व रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एके कौशल का ट्रांसफर भी गैर जनपद हुआ है।
स्थानांतरण प्रक्रिया से बेपटरी हुई स्वास्थ्य सेवा
डॉक्टरों के स्थानांतरण से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अरुण कुमार वर्मा के स्थानांतरण से टीकाकरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। जिला महिला चिकित्सालय में संबद्घ रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एके कौशल के स्थानांतरण से यहां अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। सर्जन डॉ. आरके सिंह के स्थानांतरण से जिला महिला अस्पताल में ऑपरेशन का कार्य प्रभावित हो रहा है। अन्य चिकित्सकों के स्थानांतरण से सीएचसी एवं पीएचसी में डॉक्टरों की भारी कमी हो गई है।
डॉक्टरों के ज्वाइन करने से सुधरेगी स्वास्थ्य व्यवस्था
जिले से 17 चिकित्सकों का गैर जनपद स्थानांतरण हुआ है। शासन की तरफ से 24 चिकित्सकों को जिले में भेजा गया है। बाहर से भेजे गए चिकित्सकों के ज्वाइन करने से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में काफी हद तक सुधार होगा। डॉ. सुशील कुमार, सीएमओ बलरामपुर