बलरामपुर। विशेष सत्र न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट इफ्तेखार अहमद ने दलित उत्पीड़न और मारपीट के मामले में चार लोगों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने दोषियों को चार-चार हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
थाना तुलसीपुर में नौ अप्रैल, 2014 को पेड़ काटने को लेकर हुए विवाद में शंकरनाथ, सिद्धनाथ, नागा और करीकेन के खिलाफ गांव के ही बेली खुर्द निवासी प्रभु दयाल ने मारपीट और दलित उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा लिखकर जांच के बाद आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया। सत्र परीक्षण के दौरान विशेष लोक अभियोजक एससी-एसटी एक्ट ने सात गवाहों को न्यायालय में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने चारों को मारपीट और दलित उत्पीड़न का दोषी करार दिया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को 15-15 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।