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Balrampur News: बाघ को पकड़ने के लिए लगाए तीन ट्रैकिंंग कैमरे

Fri, 14 Nov 2025 12:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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कैमरे लगाते वनकर्मी।
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गैसड़ी। नेपाल की तराई वन सीमा से भटककर क्षेत्र के गांवों में बाघ आने से हड़कंप मचा है। वन विभाग की टीम को अलर्ट कर दिया गया है और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। जंगल में बाघ की ट्रैकिंग के लिए तीन कैमरे लगाए गए हैं। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अकेले जंगल या खेतों की ओर न जाएं।
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पचपेड़वा क्षेत्र के बेलभरिया गांव के मजरा पिपरा सड़वा में बाघ के हमले से गांव में दहशत है। किसान बिकाई गौतम को बाघ ने निवाला बना लिया था। मंगलवार को उनका शव जंगल में क्षत-विक्षत हालत में मिला था। शरीर पर बाघ के पंजों और दांतों के गहरे निशान थे। बृहस्पतिवार को जब शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। पत्नी इंद्रावती बार-बार बेसुध हो जा रही थी, जबकि बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। पूरे गांव में मातम पसरा है और ग्रामीण रातभर पहरा दे रहे हैं। पहले वन विभाग बाघ होने की बात स्वीकार करने से हिचक रहा था। अब निगरानी बढ़ाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

गरीबी में टूटा सहारा, बेसुध पड़ी पत्नी
बिकाई गौतम गरीब किसान थे, मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। पत्नी इंद्रावती ने बताया कि परिवार का एकमात्र सहारा वही थे। बड़े बेटे का पैर पहले से टूटा है, जिससे वह काम करने में असमर्थ है। अब परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। शव घर पहुंचते ही पत्नी और बच्चों की चीखें सुनकर गांव का माहौल गमगीन हो गया।
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बाघ की आमद से दहशत, रातभर जाग रहे ग्रामीण
गांव के ग्रामीण कृष्ण नारायण यादव (पूर्व प्रधान), शिव बिहारी लाल श्रीवास्तव, रामस्वरूप, सुभाष, बंसराज और सीताराम ने बताया कि घटना के बाद से गांव में भय का माहौल है। वन विभाग की टीम ने पहुंचकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, लेकिन बाघ का खौफ इतना है कि ग्रामीण रातभर जागकर पहरा दे रहे हैं। बच्चों और मवेशियों को घर से बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है।

बसपा प्रदेश अध्यक्ष पहुंचे गांव, पीड़ित परिवार को दी सहायता
बृहस्पतिवार को बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दी और आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने सरकार से मांग की कि मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और वार्षिक सहायता दी जाए। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी विभागीय स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। गांव में फिलहाल मातम और दहशत दोनों पसरे हैं। लोग प्रशासन से सुरक्षा और बाघ की पकड़ की मांग कर रहे हैं।

घटना के बाद जंगल क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी गई है। वन्यजीव को ट्रैक करने के लिए कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही फुट पेट्रोलिंग शुरू कर दी गई है। दो टीमों को लगाया गया है।
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मनोज कुमार सिंह, उपप्रभागीय वनाधिकारी वन विभाग
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