बलरामपुर। जिले में शनिवार देर रात पहुंचे लाखों की संख्या में टिड्डियों के तीन दल से खूब उत्पात मचाया। कई गांवों की फसलों और पेड़ों को नुकसान पहुंचाया। पहले से सतर्क प्रशासन और किसानों ने मिलकर इन दलों को पड़ोसी राष्ट्र नेपाल की तरफ खदेड़ दिया। टिड्डियों के हमले से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
विदित हो कि शनिवार देर रात गिलौला श्रावस्ती की तरफ टिड्डियों ने जिले की सीमा में प्रवेश किया। धर्मपुर भगवतीगंज होते हुए यह टिड्डियां उदईपुर, बैजपुर, सिंगाही होते हुए रात में ही देवरिया रछौड़ा गांव की तरफ पहुंच गईं। चीनी मिल की स्प्रेयर गाड़ियों से उदईपुर, बैजपुर व सिंगाही गांव में रसायन का छिड़काव कर टिड्डियों को मारा गया। रविवार सुबह होते ही टिड्डियों ने ललिया, शिवपुरा क्षेत्र में धावा बोल दिया।
भगता, भितवरिया कला, विशुनपुर, बढ़ईपुर, बरदौलिया, देवपुरा, सहियापुर, तेंदुआनगर, मोतीपुरकला व सिरसिया आदि गांवों में पहुंची टिड्डियों ने मक्का, धान व गन्न की फसल के साथ-साथ बाग के पेड़ों को भी नुकसान पहुंचाया। प्रशासन और किसानों ने थाली, टीन, ड्रम, शंख व अन्य तरह से शोर मचाकर इन्हें नेपाल की तरफ से भगाया। टिड्डियों का दूसरा दल महदेइया, मोतीपुर, महादेव, गोसाई, लहेरी, सुगानगर व तेंदुआ होते हुए तुलसीपुर की तरफ पहुंचा।
किसानों तथा प्रशासन की मुस्तैदी से टिड्डियों का दूसरा दल बघेल खंड होते हुए नेपाली की तरफ चला गया। तीसरा दल गैसड़ी जरवा होते हुए नेपाल रवाना हुआ। जिला कृषि अधिकारी मंजीत कुमार तथा जिला कृषि रक्षा अधिकारी सलाहुद्दीन ने बताया कि टिड्डियों के आने की आशंका को देखते हुए पहले से ही तैयारियां कर सतर्कता बरती जा रही थी। किसानों को सतर्क रहने को कहा गया है।
यह भी संभावना है कि रविवार रात या सोमवार को टिड्डियों का आगमन फिर लखनऊ, बाराबंी व बहराइच की तरफ से हो सकता है। टिड्डियों के हमले के किसानों का क्या नुकसान हुआ है इसकी पड़ताल कराई जा रही है। डीएम कृष्णा करूणेश ने बताया कि टिड्डियों से बचाव के सभी इंतजाम किए गए हैं। संबंधित विभाग को 24 घंटे सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।