उतरौला (बलरामपुर)। यह तो 13 मई को ही पता चलेगा कि निकाय की कुर्सी का ताज किसके सिर पर सजेगा। लेकिन एक बात तो तय है कि करीब तीन साल से प्रशासक राज से चल रही पालिका को पटरी पर लाने की चुनौती से जूझना होगा। जनसमस्याओं की सुनवाई के साथ विकास कार्य को धरातल पर उतारने के लिए काफी प्रयास करना होगा।
उतरौला नगर पालिका परिषद में 25 वार्ड हैं। यहां पर 28 हजार 610 मतदाता हैं। वर्ष 2020 में उतरौला नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मोहम्मद इदरीश का निधन हो गया था। इसके बाद से यहां पर प्रशासक नियुक्त कर दिए गए। ऐसे में व्यवस्था को एक बार फिर पटरी पर लाने की चुनौती शहर की नई सरकार के सामने होगी।
शहर की प्रमुख समस्याएं
- कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। नालों पर अतिक्रमण के कारण समस्या बनी हुई है।
- यात्रियों के लिए मात्र एक टीन शेड का निर्माण कराया गया है, जो अपर्याप्त है।
- टैक्सी स्टैंड के लिए कोई जगह निर्धारित नहीं है। जिससे जाम की समस्या बनी रहती है।
- अतिक्रमण की चपेट में पूरा नगर है। पटरियों पर कब्जा होने से राहगीरों को समस्या होती है।
- वेंडिंग जोन नहीं है, जिससे सड़क के किनारे ही ठेला लगा रहता है। पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है।
- सीवर लाइन के लिए वर्ष 2019 में प्रस्ताव भेजा गया लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिल सकी।
- सब्जी मंडी स्थल न होने के कारण सड़क पर ही व्यापारी सब्जी बेचते हैं।
- पेयजल के लिए 28 वाटर पोस्ट बनाए हैं लेकिन मौके पर 10 भी संचालित नहीं है।
- नई काॅलोनियों में जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। साथ ही बाढ़ से निपटने के लिए कोई स्थाई प्रबंध नहीं है।
सीवर लाइन को लेकर हों प्रयास
जल निकासी एक बड़ी समस्या है, ऐसे में सीवर लाइन आवश्यक है। इसको लेकर ठोस प्रयास किए जाने की आवश्यकता है ताकि समस्या का समाधान हो सके।
- मोहम्मद निजाम
लकड़ी के खंभों के सहारे हो रही आपूर्ति
लकड़ी के खंभों के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। इससे आए दिन बिजली संकट बना रहता है। इसको लेकर प्रयास किया जाय।
- रवि गुप्ता
नियमित सफाई की हो व्यवस्था
नियमित तौर पर सफाई की व्यवस्था की जाय। साथ ही कूड़ा निस्तारण का प्रबंध किया जाय। ताकि शहर साफ व सुंदर बन सके।
- महेंद्र प्रताप