ललिया। साधन सहकारी समिति, मथुरा बाजार में डीएपी सुपर फास्फेट व यूरिया खाद का पर्याप्त स्टॉक नहीं है। इस कारण किसान प्राइवेट दुकानों से महंगे दामों पर खाद खरीद रहे हैं। इस समिति के तहत करीब 20 गांव के किसानों को खाद मुहैय्या की जाती है। गेहूं, मसूर, सरसों की बोआई में प्रयुक्त होने वाली खाद डीएपी सुपर फास्फेट व यूरिया का स्टॉक पर्याप्त न होने के कारण किसानों को प्राइवेट दुकानों पर महंगे दामों पर खाद खरीद रहे हैं।
सीताराम ने बताया कि मुझे 10 बीघा गेहूं बोआई करनी है, करीब दो बोरी डीएपी की आवश्यकता है। सुबह साधन सहकारी समिति पर आया था। समिति बंद होने के कारण खाद नहीं मिल पाई। किसान ज्वाला प्रसाद मिश्र ने बताया कि खाद न मिलने के कारण गेहूं, सरसों, मटर, मसूर की बोआई पिछड़ रही है। इसलिए बाजार से ही प्राइवेट दुकान से खाद खरीदनी पड़ रही है। सहकारी समिति के प्रभारी राम कबीर यादव ने बताया कि साधन सहकारी समिति मथुरा बाजार में 50 बोरी डीएपी व 100 बोरी एनपीके खाद्य उपलब्ध है। जो सभी किसानों की जरूरतों के हिसाब से पर्याप्त नहीं है।