बलरामपुर। आकांक्षी जिला होने के बावजूद यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। हाल यह है कि दोनों जिला अस्पतालों में अब तक थायराइड जांच की सुविधा मरीजों को नहीं मिल रही है। जिला अस्पतालों में थायराइड जांच के लिए उपकरण ही नहीं हैं। थायराइड के लक्षण वाले मरीजों को पैसे खर्च करके बाहर जांच करानी पड़ती है।
जिला मेमोरियल अस्पताल व जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 12 मरीज थायराइड की जांच कराने पहुंचते हैं। अस्पतालों में थायराइड जांच के लिए आवश्यक उपकरण न होने से स्वास्थ्यकर्मी मरीजों को वापस लौटा देते हैं। परिवारिजन मजबूर होकर निजी केंद्र से जांच कराते हैं। सिविल लाइन की रागिनी मां की थायराइड जांच कराने महिला अस्पताल पहुंची थीं, लेकिन जांच नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि अब बाहर निजी पैथोलॉजी में जांच करानी पड़ेगी। प्रीतम ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी की थायराइड जांच बाहर से कराई है।
महिलाओं को होती है ज्यादा परेशानी
गैर संचारी रोग विभाग के नोडल/एसीएमओ डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव बताते हैं कि थायराइड अनियमित होने से महिलाओं को गर्भधारण में समस्या होती है। ऐसे में उन्हें समय-समय पर जांच कराने की आवश्यकता है। थायराइड बढ़ने से महिलाओं के मासिक धर्म में अनियमितता देखी जा सकती है।
जल्द कराई जाएगी सुविधा
जिला अस्पतालों में थायराइड जांच के लिए आवश्यक उपकरण की डिमांड भेजी गई है। जल्द ही लैब में थायराइड जांच की सुविधा मरीजों को मिलेगी।
- डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी, सीएमओ बलरामपुर