गैड़ास बुजुर्ग। यह एक ऐसे किसान की कहानी है जिसने अपनी जमीन बचाने की लड़ाई में सब कुछ दांव पर लगा दिया। रामबुझारत ने अंततः न्याय की उम्मीद में 23 अक्तूबर 2023 को खुद को आग के हवाले कर दिया। अब जांच पूरी हो गई है। चार्जशीट में तत्कालीन थानाध्यक्ष पवन कनौजिया के साथ ही राजस्व लेखपाल दिनेश पटेल आरोपी हैं। परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है।
गैड़ास बुजुर्ग गांव के निवासी राम बुझारत ने 21 सितंबर 2023 को उपमुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि पुश्तैनी भूमि पर लेखपाल दिनेश पटेल द्वारा कब्जा कराया जा रहा है। 23 अक्तूबर को जमीन पर पिलर खड़े किए जाने लगे, तो राम बुझारत ने थाने जाकर अवैध निर्माण रोकने की मांग की थी।
न्याय नहीं मिला तो उसने मौत को गले लगाया लिया। अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद सुनवाई और फैसले पर सभी निगाहें टिकी हैं। रामबुझारत की पत्नी कुसुमा देवी कहती हैं कि वह न्याय के लिए संघर्ष करती रहेंगी, भले ही एक पहर भूखे ही क्यों न रहना पड़े। सुरेंद्र बहादुर पासवान ने कहाकि वह पीड़ित परिवार के साथ हैं। (संवाद)