बलरामपुर। टेंगनहिया गांव में बीते छह दिनों से राप्ती नदी कटान कर रही है। कई बीघे फसल कटान की भेंट चढ़ चुकी है, तो 35 घर कटान की जद में हैं। लगातार बढ़ते खतरे को लेकर ग्रामीण दहशत में हैं। इसे लेकर नौ सितंबर में अमर उजाला में खबर प्रकाशित हुई थी। इसका संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने लेखपाल सदर से रिपोर्ट मांगी है। जल्द ही गांव के हालात बदलने की उम्मीद है।
बुधवार को लेखपाल शशिभूषण सोनकर ने गांव का भ्रमण किया। लेखपाल ने बताया कि गांव के पास राप्ती कटान कर रही है। लोगों के खेत नदी में समा चुके हैं, अब मस्जिद व घर जद में आ गए हैं। रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। बताया कि खबर के आधार पर जांच की गई, जिसमें तथ्यों की पुष्टि हुई है।
सदर तहसील के ग्राम टेंगनहिया निवासी राम कुमार, लालजी, रजिउल्ला खान, सफीउल्लाह खान, मसीहुद्दीन, साजिद अली व नफीस खान आदि ने बताया कि कटान से गन्ने व धान की फसल नदी में समाहित हो रही है, जिसका अभी तक मुआवजा भी नहीं मिला है। मोबीन, पदुमनाथ, घुरहू, करिया, कासिम, नसरुल्ला व मुनावर सहित गांव के कई किसानों की जमीन नदी में समा चुकी है। खेत कटने के बाद अब घरों की ओर नदी बढ़ रही है। फसल नदी में समा जाने से गांव के लोग मजदूरी करने को मजबूर हैं। कटान के चलते गांव की मस्जिद नदी के किनारे पहुंच चुकी है। यदि जल्द ही कटानरोधी कार्य न कराया गया तो मस्जिद कटकर नदी में समाहित हो जाएगी। इसके बाद लोगों के घर भी नदी में समाहित हो जाएंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से कटानरोधी कार्य कराने की मांग की है।
लेखपाल की रिपोर्ट पर होगी कार्रवाई
सदर तहसील के टेंगनहिया गांव में राप्ती के कटान की जांच लेखपाल शशिभूषण सोनकर से कराई गई है। लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-हेमंत कुमार गुप्त, सदर एसडीएम