बलरामपुर। अवैध धर्मांतरण रैकेट के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर की जांच अब निर्णायक मोड़ पर है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ का पहला चरण पूरा हो चुका है और अब नवीन से ट्रस्ट और निजी खातों के लेनदेन को लेकर सवाल-जवाब की तैयारी चल रही है।
सूत्रों के मुताबिक ईडी को ऐसे डिजिटल साक्ष्य और बैंकिंग लेनदेन की जानकारी मिली है, जिससे करोड़ों रुपये के फंड डायवर्जन, फर्जी संपत्तियों, और विदेशी फंडिंग नेटवर्क का खुलासा संभव है। नवीन और नीतू के खातों से ट्रस्ट के पैसे आम खातों में ट्रांसफर किए गए और कई बेनामी संपत्तियों में निवेश हुआ।
जांच एजेंसियों के रडार पर अब महबूब (छांगुर का बेटा), नीतू रोहरा, शहाबुद्दीन, सबरोज और न्यायालय कर्मी राजेश उपाध्याय हैं। नवीन को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। इन सभी के खातों में हाल के वर्षों में विदेशी स्रोतों से करोड़ों की एंट्री हुई है।