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Balrampur News: महिला आरक्षी छेड़छाड़ के मामल में बढ़ेगा जांच का दायरा

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बलरामपुर। महिला आरक्षी के साथ कोतवाली देहात परिसर में 15 मार्च को हुई छेड़छानी के प्रकरण में जांच का दायरा बढ़ेगा। एफआईआर दर्ज होने के बाद लाइनहाजिर आरोपी मुख्य आरक्षी अमित कुमार व दोनों आरक्षी शैलेंद्र कुमार और पन्नेलाल पुलिस लाइन छोड़कर कहीं भूमिगत हो गए हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी तक नहीं कर सकी है। वहीं, अब इस पूरे प्रकरण को आठ महीनों तक दबाए रखने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी विभाग की कड़ी नजर है।
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एडीजी गोरखपुर जोन अशोक मुथा जैन ने कहा है कि महिला कर्मियों से जुड़े मामलों में देरी और लीपापोती किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। जोन स्तर पर आई कड़ी प्रतिक्रिया से जिला पुलिस में हलचल मची हुई है। कई अधिकारी अब अपनी भूमिका को लेकर सफाई में जुटे हैं। माना जा रहा है कि विशाखा कमेटी की जांच भी सीएम कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद ही पूरी हो सकी है। इससे जांच अधिकारी की भूमिका भी सवालों से घिरी है।
होगी भूमिकाओं की जांच
यह तथ्य सबसे अहम है कि महिला आरक्षी ने 15 मार्च को ही प्रभारी निरीक्षक को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत न तो रोजनामचा में दर्ज हुई, न ही कोई प्रारंभिक जांच शुरू हुई। 17 मार्च को अपर पुलिस अधीक्षक को अलग से शिकायत देने के बाद भी न एफआईआर हुई, न विभागीय कार्रवाई। यह देरी अब सबसे बड़ी जांच का विषय बन चुकी है। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद भी तीनों आरोपियों को नहीं पकड़ा जा सका है। एक अधिकारी ने कहा कि जिस अपराध में सजा सात वर्ष से कम है, वह गिरफ्तारी से बाहर है। फिर भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश हैं।
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