जरवा (बलरामपुर)। दो माह की कड़ी मशक्कत के बाद शिकंजे में फंसा आदमखोर तेंदुआ फिलहाल जनकपुर रेंज आफिस में ही रहेगा। उसकी देखभाल के लिए वन विभाग की एक विशेष टीम को लगाया गया है। डीएफओ डा. एम सेम्मारन ने बताया कि इस संबंध में शासन से मिलने वाले दिशा निर्देश का इंतजार है। इसके आधार पर ही पकड़े गए तेंदुए को गोरखपुर अथवा लखनऊ चिड़ियाघर भेजे की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।
छह बच्चों जान से मार देने वाले तेंदुए के पकड़े जाने से इलाके के लोगों को भय व दहशत से राहत मिली है। दूसरी तरफ जनकपुर रेंज में पिजड़े में कैद तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण बृहस्पतिवार को दिल्ली वाइल्डलाइफ ट्रस्ट आफ इंडिया की प्रतिनिधि श्रुति चौहान ने किया। इसके बाद उसे खाने के लिए बकरी का मांस और पानी दिया गया। श्रुति चौहान ने बताया कि पकड़ा गया व्यस्क तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ है। इलाके में रह-रह कर पिजड़े में बंद तेंदुए की दहाड़ भी गूंज रही है।
- सोहेलवा में अभी एक और हमलावर तेंदुआ की मौजूदगी की आशंका है। निगरानी में जुटी वन विभाग की टीम को इलाके में बीते दिसंबर माह में दो तेंदुआ मौजूद होने के संकेत मिले थे। इस दौरान महराजगंज तराई क्षेत्र में भी एक तेंदुए के सक्रिय होने की जानकारी सामने आई थी। इसके चलते ही क्षेत्र में वन विभाग की टीमों को फिलहाल पूरी तरह सर्तक रहने को कहा गया है।
डीएफओ ने बताया कि अभी इलाके में निगरानी बंद नहीं की गई है ताकि किसी अन्य तेंदुआ के नए हमले की बात सामने आने पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। पकड़ा गया तेंदुआ मादा है। इससे नर तेंदुए के भी इलाके में सक्रिय होने का संदेह कायम बना है।