बलरामपुर। शारीदय नवरात्र में अभिभावकों को स्कूलों में बुलाकर लाडली की सुरक्षा का पाठ पढ़ाया जाएगा। बालिका सुरक्षा से लेकर पाक्सो एक्ट तक की अभिभावकों को जानकारी दी जाएगी। प्रत्येक दिन स्कूलों में 10-10 अभिभावक बुलाए जाएंगे। मीना मंच की तीन-तीन बालिकाएं भी बुलाई जाएंगी। जिले के 1908 परिषदीय स्कूलों व केजीबीवी में 17 अक्तूबर से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
बीएस डॉ. रामचंद्र ने बीते दिन बताया कि नवरात्र में देवी पूजन होता है। बालिकाएं भी देवी का स्वरूप मानी जाती हैं। ऐसे में नवरात्र में परिषदीय विद्यालयों में नई पहल शुरू करने की तैयारी है। अभिभावकों को स्कूलों में बालिका सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। बालिका सुरक्षा से लेकर पाक्सो एक्ट तक की अभिभावकों को जानकारी दी जाएगी। शासन स्तर से इस बार नवरात्र पर स्कूलों में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। बालिका सुरक्षा को लेकर मीना मंच को प्रभावी बनाया जाएगा।
जिले के 1897 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों के साथ 11 केजीबीवी में नौ दिनों तक 10-10 अभिभावकों को बुलकार जागरुक करने की रणनीति तय की गई है। नवरात्र के नौ दिनों तक प्रतिदिन अभिभावकों को संवैधानिक अधिकार बुकलेट की मदद से पाक्सो कानून, घरेलू हिंसा, बाल विवाह निषेध अधिनियम, सेफ टच व अनसेफ टच के प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जाएगा। चर्चा के दौरान कोविड-19 से संबंधित स्वच्छता व सामाजिक दूरी का पालन करने के बारे में बताया जाएगा।
इस विशेष अभियान को सफल बनाने में मीना मंच की सुगमकर्ता का सहयोग लिया जाएगा। प्रतिदिन मीना मंच की सक्रिए तीन-तीन बालिकाओं को स्कूलों में बुलाकर उन्हें कानूनी जानकारी, हेल्पलाइन नंबरों व उनके प्रयोग की जानकारी मॉकड्रिल के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
मीना मंच से जुड़े सभी बच्चे अपने घर, पड़ोस व मोहल्लों में पोस्टर से लोगों को जागरूक करेंगे। मीना मंच की बालिकाओं को इस नवरात्र में स्कूलों में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 व अन्य हेल्पलाइन नंबर 112 व 181 की भी जानकारी दी जाएगी।
नवरात्र के विशेष अभियान की अकादमिक रिर्सोस पर्सन (एआरपी)भी स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के सभी 10 शिक्षा क्षेत्रों के बीईओ और स्कूलों के हेडमास्टरों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।