बलरामपुर। अप्रैल के तीसरे सप्ताह में ही जिले में गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाते हुए आम जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। लगभग छह किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही गर्म हवाओं और लू के थपेड़ों ने सड़क पर चलना मुश्किल कर दिया। सूरज के तेवर दिखाने से पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है।
मंगलवार दोपहर 2 बजे तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जिले के अधिकांश ब्लॉकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जबकि पचपेड़वा ब्लॉक में सर्वाधिक 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप और लू के थपेड़ों के चलते दोपहर के समय सड़कें सूनी पड़ गईं और बाजारों में भीड़ काफी कम हो गई। तापमान की स्थिति यह रही कि तुलसीपुर में 41.5 डिग्री, गैड़ास बुजुर्ग और रेहरा बाजार में 41.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा श्रीदत्तगंज, गैसड़ी, उतरौला और हर्रैया सतघरवा ब्लॉकों में भी पारा 40 डिग्री के आसपास बना रहा। जिला मुख्यालय बलरामपुर में भी तापमान 39.4 से 40 डिग्री के बीच रिकॉर्ड किया गया। दोपहर के समय चल रही गर्म हवाएं मानो आग उगल रही हों। चिलचिलाती धूप और तेज लू के कारण लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। सड़कों, चौराहों और बाजारों में दोपहर के समय सन्नाटा पसरा नजर आया। जो लोग जरूरी काम से बाहर निकले, वे सिर पर गमछा या कपड़ा रखकर और चेहरे को ढककर ही निकलते दिखे।
हवा रोक रही कदम तो धूप कर रही बेहाल
तुलसीपुर निवासी रामलाल ने बताया कि सुबह 9-10 बजे के बाद ही धूप इतनी तेज हो जाती है कि बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। दोपहर में तो लू सीधे चेहरे पर लगती है। उतरौला बाजार के दुकानदार नसीम कहते हैं कि दोपहर के समय बाजार लगभग खाली हो जाता है। ग्राहक कम आते हैं, लेकिन ठंडे पेय और पानी की बिक्री बढ़ गई है। हर्रैया सतघरवा की गृहिणी सीमा देवी ने बताया कि बच्चों को बाहर नहीं जाने दे रहे हैं। बार-बार पानी पिलाना पड़ रहा है, नहीं तो चक्कर आने लगता है। शहर में राहगीर पीयूष, राजकुमार व आफाक ने बताया कि श्रावस्ती से एमएलके महाविद्यालय में परीक्षा देने आए थे। अब घर जा रहे हैं, हवा के कारण बाइक चलाना मुश्किल हो रहा है। स्कूल से घर जा रही शिक्षिका शालिनी व मधु ने बताया कि धूप के साथ गर्म हवा से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। विद्यालय से किसी तरह मुंह पर कपड़ा बांधकर घर पहुंच पाती हूं।
लू का खतरा बढ़ा, 12 से 4 बजे तक घर में रहने की सलाह
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस तरह की भीषण गर्मी में लू लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है। शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन), चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी और कमजोरी जैसी समस्याएं आम हो सकती हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने लोगों से अपील की है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। यदि बाहर निकलना जरूरी हो तो सिर को ढककर रखें, हल्के और सूती कपड़े पहनें तथा पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें। जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि मौसम के मौजूदा रुख को देखते हुए आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। गैर संचारी रोग के चिकित्साधिकारी डॉ. ऋषि श्रीवास्तव ने बताया कि गर्मी से बचाव के लिए नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। पानी में ग्लूकोज पाउडर व ओआरएस घोल कर पीने से डिहाइड्रेशन से बच सकते हैं। कमजोरी, चक्कर आने व अधिक पसीना आने व बेहोशी की हालत लगने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।