बलरामपुर। कलेक्ट्रेट गेट पर 10 दिसंबर से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल में जुटे लेखपालों ने आरपार की लड़ाई का एलान किया है। धरने में शामिल लेखपालों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है। कई दिनों से लेखपालों की हड़ताल से आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र पाने के लिए लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार व महामंत्री राजेश्वरी प्रसाद मौर्य ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट गेट पर धरने को संबोधित करते हुए कहा कि जिले की तीनों तहसीलों में अब तक आय, जाति, निवास, जन्म व मृत्यु और खतौनी सहित 50 हजार से अधिक आवेदन लंबित हो चुके हैं। 370 राजस्व गांवों का बस्ता जमा कर राजस्व कार्य नहीं किया जा रहा है।
लेखपालों के बस्ता जमा करने से संबंधित राजस्व ग्रामों का काम पूरी तरह से ठप पड़ा है। प्रोन्नति दिलाने, रिक्त पड़े सर्किलों में लेखपालों की तैनाती, बाइक भत्ता सहित अन्य कई मांगों को लेकर प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर 10 दिसंबर से कलमबंद हड़ताल जारी है। उतरौला तहसील अध्यक्ष अभय चंद, महामंत्री मनोज यादव, राम लखन मौर्य, मोहम्मद अकरम, अखिलेश वर्मा, किशुनलाल व मोहम्मद आसिफ व तुलसीपुर तहसील अध्यक्ष अमित तिवारी, पीके गुप्ता, वीके यादव, लल्लू प्रसाद व अमरेंद्र बहादुर आदि लेखपालों ने आरपार की लड़ाई का एलान किया है। मांगें पूरी होने तक लेखपालों ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
एडीएम ने पदाधिकारियों के साथ की वार्ता
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल व सहायक भूलेख अधिकारी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने गुरुवार को दफ्तर में लेखपाल संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आंदोलन खत्म करने की अपील की। एडीएम ने कहा कि शासन स्तर से लेखपालों की तमाम मांगें पूरी की जा चुकी हैं। अन्य मांगों को भी पूरा करने के लिए संगठन के लोगों से वार्ता की जा रही है। सभी लेखपाल हड़ताल खत्म करके काम पर लौट आएं। लेखपाल संघ पदाधिकारियों ने प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर ही हड़ताल खत्म करने की बात कही।