बलरामपुर। क्षेत्र पंचायतों के प्रमुख पदों पर अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रत्याशी शह-मात के खेल में जुट गए है। क्षेत्र पंचायत सदस्यों को अपने पक्ष में करने के लिए बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है।
यहां के 22 क्षेत्र पंचायत सदस्यों को जीत के प्रमाण पत्र की दूसरी प्रति नियम विरुद्ध जारी कर दी गई। जांच के बाद अनियमितता सिद्ध होने पर आनन-फानन में इन प्रमाण पत्रों को निरस्त कर दिया गया।
विदित हो कि गत माह हुए पंचायत चुनाव में हरैया सतघरवा ब्लॉक के आरओ जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पवन सिंह बनाए गए थे। ब्लॉक में क्षेत्र पंचायत की 134 सीटों पर चुनाव हुआ।
सभी को जीत का प्रमाण पत्र मिल गया। इसी बीच इस ब्लॉक के 22 क्षेत्र पंचायत सदस्यों को शपथ पत्र के आधार पर पवन सिंह ने जीत का दूसरा प्रमाण पत्र जारी कर दिया।
यह सब खेल प्रमुख पदों के दावेदारों के इशारे पर किया गया। वार्ड भितवरियाकला के सदस्य लक्ष्मन ने जीत प्रमाण पत्र की दूसरी प्रति जारी होने पर अनभिज्ञता जताते हुए मामले की शिकायत डीएम श्रुति से की। डीएम से तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल तथा भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने भी प्रकरण की जांच कराने को कहा।
एडीएम एके शुक्ल की जांच में यह पाया गया कि जीत प्रमाण पत्र की दूसरी प्रति नियम विरुद्ध जारी की गई। केवल शपथ पत्र के आधार पर द्वितीय प्रति जारी करने का नियम ही नहीं है।
द्वितीय प्रति के आवेदक पहली प्रति गुम होने की एफआईआर, शपथ पत्र तथा 250 रुपये जमा करने होंगे। इसके बाद डीएमा के निर्देश पर ही द्वितीय प्रति जारी हो सकती है। संबंधित रिटर्निंग अफसर को द्वितीय प्रति जारी करने का अधिकार ही नहीं है। आरओ पवन सिंह ने बताया कि द्वितीय प्रति जारी करने के नियमों के बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी।