गैसड़ी। नेपाल सीमा से सटे पचपेड़वा ब्लॉक के भांभर रेंज में मानव-वन्य जीव संघर्ष को लेकर लगातार कवायद की जा रही है। वन क्षेत्र रेहरा व बेलभरिया बीट के साथ पिपरा से नंदीभौजी, इमिलियाघाट व बनगवां से कंचनपुर घाट तक जाने वाले मार्ग पर बुधवार सुबह छह से 10 बजे तक टीम ने ट्रैकिंग की। जांच के दौरान टीम को बाघ के पगचिह्न नहीं मिले, तेंदुए के पगचिह्न मिल हैं।
हादसे के बाद जालीदार ट्रैक्टर से निगरानी की जा रही है। पिंजरे का स्थान बदलकर अब पिपरा गांव के पास रखा गया है। चार हाई-रिजॉल्यूशन ट्रैकिंग कैमरों से नजर रखी जा रही है।
बीते दिनों नेपाल सीमा से सटे भांभर रेंज के विशुनपुर कोडर गांव निवासी कमला (25), नेपाल की महिला उर्मिला (25), एवं बेलभरिया गांव के मजरे सड़वा निवासी बिकाई गौतम की जंगली जानवर के हमले में मौत हो गई थी। घटनास्थल और आसपास के जंगल क्षेत्र में ड्रोन कैमरों से 24 घंटे निगरानी कराई जा रही है। चार हाई-रिजॉल्यूशन ट्रैकिंग कैमरे में जंगली जानवरों की मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। वन विभाग की ट्रैकिंग टीम लगातार पगचिन्ह, खून के निशान व अन्य संकेतों के आधार पर जंगली जानवरों की लोकेशन ट्रेस कर रही है।
वन क्षेत्राधिकारी योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि बुधवार को सूर्य नारायन सिंह, नूरुलहुदा खां, मयंकर सिंह, विजय चौधरी, रचित गौतम व सतीश सिंह की टीम ने विशुनपर कोडर, पिपरा, रेहरा व बेलभरिया में कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जागरूक किया। वन विभाग व स्थानीय पुलिस की गश्त भी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को सलाह दी गई कि कोई भी व्यक्ति अकेले जंगल में न जाए। सुबह-शाम विशेष सावधानी बरतें। बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों को बिना कार्य बाहर न भेजें। जंगल से सटे रास्तों पर समूह में ही आवाजाही करें।
गिरगिटही लाया गया नर तेंदुआ
बरहवा रेंज के ग्राम कौवा बेला में किसानों की तरफ से फसल की सुरक्षा के लिए लगाए गए जाल में फंसे नर तेंदुए को रेस्क्यू करके रेंज परिसर गिरगिटही लाया गया है। कतर्निया के पशु चिकित्सक डॉ. दीपक वर्मा ने तेंदुए की जांच की। चिकित्सकों की चार सदस्यीय टीम तेंदुए की सेहत का ख्याल रख रही है। स्वस्थ होने के बाद तेंदुए को जंगल में छोड़ा जाएगा। भांभर रेंज के जंगल में अभी तक बाघ के पगचिह्न नहीं मिले हैं।
-गौरव गर्ग, डीएफओ