बलरामपुर। गोवध निवारण अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में एसीजेएम कोर्ट ने 26 साल बाद फैसला सुनाया है। दोषी को जेल में बिताई गई अवधि और एक हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया है।
कोतवाली उतरौला की पुलिस ने इस मामले में 12 जनवरी, 1998 को महुआ इब्राहिम निवासी हकीकुल्ला को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने जांच के बाद न्यायालय में आरोपपत्र पेश किया। 26 वर्षों से मुकदमा लड़ रहे हकीकुल्ला ने न्यायालय में अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एसीजेएम उतरौला ने हकीकुल्ला को गोवध अधिनियम का दोषी करार देते हुए जेल में बिताई गई अवधि और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।