बलरामपुर के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक को संबोधित करते एनजीटी के जज डॉ. अफराेज अहमद।
बलरामपुर। ठोस व गीले कचरे का शत-प्रतिशत निस्तारण किया जाए। 120 माइक्रोन से नीचे के प्लास्टिक पर सख्ती से रोक लगाई जाए। ग्रीन बेल्ट विकसित कर शहर को हरा-भरा व सुंदर बनाया जाए। झील व तालाबों को हर हाल में संरक्षित किया जाए।
यह बातें राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के जज डॉ. अफरोज अहमद ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पर्यावरण संरक्षण पर आधारित बैठक को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि नगर पालिकाओं में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन किया जाए। साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत ठोस कचरे का निस्तारण शत-प्रतिशत होना चाहिए। मेडिकल वेस्ट के निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि इसे जमीन में दबाने के बजाय नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। कहा कि अस्पतालों में ग्राउंड वाटर के दोहन को मापने के लिए मीटर लगाया जाए। निर्देश दिया कि जिले में कई तालाब व जलाशय हैं। इन्हें हर हाल में संरक्षित किया जाए। इस अवसर पर उन्होंने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई। बैठक में डीएम डॉ. महेंद्र कुमार, एसपी केशव कुमार, सीडीओ संजीव कुमार मौर्य, सीएमओ डॉ. सुशील कुमार एवं खनन अधिकारी डॉ. अभय रंजन सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।